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मुख्यमंत्री बघेल से सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रवासी भारतीय विशेषज्ञों ने की मुलाकात

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जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से वैश्विक परिवार को सुरक्षित रखने और पर्यावरण हितैषी नए उद्योगों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा

सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ आर्थिक विकास को गति देने की संभावनाओं पर किया गया विचार-विमर्श

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और राज्य ग्रीन काउंसिल के अध्यक्ष भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में नीदरलैंड व अमेरिका से आए हुए प्रवासी भारतीय विशेषज्ञों ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं छत्तीसगढ़ ग्रीन काउंसिल के उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा भी मौजूद थे। बैठक में वैश्विक परिवार को जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से बचते हुए सतत विकास जारी रखने और इस परिप्रेक्ष में नए उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री  बघेल ने विशेषज्ञों को छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं द्वारा गोबर से बनाया गया गुलाल भेंट किया। बैठक में, सीईओ एसईडी फंड विकास मेेहता (अमेरिका), डिप्टी डायरेक्टर एसईडी फंड डॉ कार्तिकेय सिंह (नीदरलैंड) एवं सीईओ स्वानिती इनिसिएटिव की सुश्री रित्विका भट्टाचार्य मौजूद थी।
मुख्यमंत्री ने उन्हें छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में लागू की गई सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना, गोधन न्याय योजना, गोबर से वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन, गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करने की पहल और इन योजनाओं से छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को मिलने वाले लाभ की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के साथ-साथ किसानों द्वारा इसके स्वस्फूर्त बढ़ते उपयोग के चलते छत्तीसगढ़ जैविक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोबर से बिजली उत्पादन और पेंट बनाने की शुरुआत भी की जा रही है। गौठनों में  संचालित आर्थिक गतिविधियों से ग्रामीणों और महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिले हैं।