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दिल्ली-मुंबई में 62 साल बाद एक साथ आया मानसून; महाराष्ट्र में बारिश भारी की चेतावनी

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उत्तर पश्चिम भारत समेत लगभग समूचे देश में तेज हवा और गरज के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे तापमान में भारी गिरावट आई और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में 62 साल बाद एकसाथ मानसून पहुंचा है। मानसून ने दिल्ली में दो दिन पहले और मुंबई में दो सप्ताह की देरी से दस्तक दी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में शनिवार रात से ही झमाझम बरसात हुई। बीते 24 घंटे के दौरान 40 से लेकर 80 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, मुंबई में 86 से 176.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। पंजाब, हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों और चंडीगढ़ में भी भारी बारिश हुई है।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और गुजरात के कच्छ इलाके पर चक्रवाती परिसंचरण की वजह से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भारी बारिश की संभावना जताई है। आईएमडी ने रविवार को कहा कि मुंबई और मध्य महाराष्ट्र सहित तटीय क्षेत्र में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि 24 घंटे के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर असम और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, गोवा और महाराष्ट्र के अधिकतर इलाकों में भारी बारिश हुई है। मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर और झारखंड में कहीं तेज तो कहीं अत्यधिक तेज बरसात हुई। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डीएस पाई ने बताया कि इससे पहले 21 जून, 1961 को दिल्ली और मुंबई में एकसाथ मानसून पहुंचा था। दिल्ली में सामान्य तौर पर 27 जून और मुंबई में 11 जून तक मानसून पहुंचता है।

आईएमडी ने एक बयान में कहा है कि मुंबई समेत महाराष्ट्र के शेष भागों, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात के कुछ हिस्सों, राजस्थान, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों और लद्दाख में भी रविवार से सोमवार तक दक्षिण पश्चिम मानसून पहुंच जाएगा। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले दो दिन में पश्चिम और उत्तर भारत के कुछ और हिस्सों में मानसून के पहुंचने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।