Home देश राहुल गांधी के बयान पर भड़के देशभर के कुलपति

राहुल गांधी के बयान पर भड़के देशभर के कुलपति

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देश में लोकसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी का माहौल है। सभी ओर से राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक कथि‍त बयान पर बवाल मच गया है, जिसमें उन्‍होंने देश के विश्‍वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति की चयन प्रक्रिया पर प्रश्‍न उठाए थे। अब उनके इस बयान पर देश के कई हिस्सों से कुलपतियों और शिक्षाविदों ने एक ओपन लेटर लिखकर राहुल गांधी की टिप्पणियों का विरोध किया है। वहीं, कांग्रेस ने भी इस ओपन लेटर प्रत‍िक्रि‍या दी है।

ओपन लेटर में कुलपतियों ने क्‍या लिखा?

जिस प्रक्रिया से कुलपतियों का चयन किया जाता है, वह योग्यता, विद्वतापूर्ण विशिष्टता और अखंडता के मूल्यों पर आधारित कठोर, पारदर्शी कठोर प्रक्रिया की विशेषता है। चयन पूरी तरह से शैक्षणिक और प्रशासनिक कौशल पर आधारित है और विश्वविद्यालयों को आगे ले जाने की दृष्टि से किया गया है। हम स्पष्ट रूप से ऐसे दावों को खारिज करते हैं। हमारे बीच प्रस्तुत शैक्षणिक विषयों और पेशेवर अनुभवों की श्रृंखला चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष और समावेशी प्रकृति के प्रमाण के रूप में खड़ी है।

‘सभी की सक्रि‍य भागीदारी को प्रोत्‍साहन देते हैं…’

ज्ञान के संरक्षक और शिक्षा जगत के प्रशासकों के रूप में, हम शासन की अखंडता, नैतिक व्यवहार और संस्थागत अखंडता के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता बनाए रखते हैं। हम सभी प्रासंगिक हितधारकों से उत्पादक चर्चा और सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं।

हम इसमें शामिल सभी व्यक्तियों से दृढ़तापूर्वक आग्रह करते हैं कि वे तथ्यों को कल्पना से अलग करने में विवेक का प्रयोग करें, निराधार अफवाहें फैलाने से बचें, और एक गतिशील और समावेशी शैक्षिक वातावरण बनाने के हमारे साझा लक्ष्य के लिए अच्छी तरह से सूचित, रचनात्मक और सहायक संवाद में भाग लें।

कुलपति‍यों ने विश्वविद्यालयों में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की बात कही

भारत में विश्वविद्यालयों में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं, जो वैश्विक रैंकिंग, प्रमुख मान्यता, विश्व स्तरीय अनुसंधान और नवाचारों में वृद्धि, उद्योग शैक्षणिक अंतर को कम करने वाले पाठ्यक्रम में बदलाव और शैक्षणिक गुणवत्ता और सामाजिक प्रासंगिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए उच्च प्लेसमेंट संभावनाओं से स्पष्ट है।

राहुल के आरोपों का किया खंडन

पूरे विश्वास के साथ, देश भर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कुलपति और अकादमिक नेता चयन प्रक्रिया के संबंध में हाल ही में प्रसारित किए गए निराधार आरोपों को संबोधित करते हैं और उनका खंडन करते हैं।

राहुल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि राहुल गांधी ने झूठ का सहारा लिया है और इससे राजनीतिक लाभ लेने के इरादे से बड़े पैमाने पर कुलपतियों के कार्यालय को बदनाम किया है। इसलिए, विनम्र प्रार्थना है कि उसके खिलाफ तुरंत कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने ओपन लेटर पर दी प्रतिक्रिया

इधर, कुलपतियों की चयन प्रक्रिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी का विरोध करने वाले कुलपतियों के खुले पत्र पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कुलपतियों की नियुक्ति उनकी क्षमता और अनुभव के आधार पर नहीं की जा रही है, बल्कि उनकी ‘संघ आयु’ (आरएसएस से जुड़ाव) देखी जाती है। संघ और भाजपा का वर्कर जब विश्‍वि‍द्यालय में नियुक्‍त होगा तो उनमें पारदर्शिता नहीं होगी।