Home छत्तीसगढ़ भिलाई महिला समाज; महिलाओं के हौसलों की उड़ान

भिलाई महिला समाज; महिलाओं के हौसलों की उड़ान

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अंचल की प्रमुख महिला संगठनों में से एक भिलाई महिला समाज, अपने आरंभ से ही अपने असीमित सृजनशीलता के साथ समाज की जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए काम कर रही है। संयंत्र के आरंभिक दिनों में भिलाई की संघर्षशील महिलाओं ने श्रीमती नलिनी श्रीवास्तव के नेतृत्व में 4 अगस्त, 1957 को इस भिलाई महिला समाज का गठन किया। मात्र 50 समर्पित महिला सदस्यों से आरंभ, भिलाई महिला समाज की अनवरत प्रगति के पीछे आज 150 से अधिक सक्रिय और समर्पित महिलाओं की दृढ़ इच्छा शक्ति जुड़ चुकी है।

भिलाई महिला समाज, महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कर उनको आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 6 इकाईयों और 10 क्लबों का संचालन करती है। इन इकाईयों में कार्यरत महिला सदस्यों को अच्छे वेतन के साथ-साथ ईपीएफओ, पीएफ आदि की सुविधाएँ भी मिलती है। इन्हीं इकाईयों की कुछ महिलाओं ने बताया की भिलाई महिला समाज से उन्हें किस प्रकार मदद मिलती है और उन्हें सशक्त बनाने में क्या योगदान है।

दास्ताना इकाई की लीला देवांगन का कहना है कि वे पिछले 25 सालों से भिलाई महिला समाज से जुडी हुई हैं। उन्होंने कहा, कि यहाँ जुड जाने से उन्हें रोजगार मिला, घर की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, इससे हमारे बच्चों की पढाई हुई, टाइम फिक्स होने की वजह से काम के साथ परिवार के बीच भी समय व्यतीत कर सकते हैं। उन्हें विभिन्न अवसरों पर बोनस, बर्तन, साड़ी, रेनकोट और कई अन्य उपयोगी वस्तुएं उपहार के तौर पर यहाँ से प्राप्त होती है।

दास्ताना इकाई की शिला यादव का कहना है कि वे पिछले 35 सालों से भिलाई महिला समाज से जुडी हुई हैं और अपना आधा जीवन यहाँ व्यतीत करने के बाद उनके रिटायरमेंट का भी समय आ गया है। उन्होंने बताया कि यहाँ से उन्होंने दास्ताना बनाना सीखा और इसके माध्यम से ही घर की रोजी रोटी चल रही है जिससे घर कि स्थिति पहले से बेहतर हो गई है। यहाँ हम सब मिलकर परिवार कि तरह रहते हैं।

मसाला इकाई की उत्तरा साहू ने बताया की यहाँ काम करने में उन्हें बहुत अच्छा महसूस होता है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने भिलाई महिला समाज ज्वाइन किया था तब उनके बच्चे बहुत ही छोटे थे और इन 22 वर्षों में काम करते हुए उनके बच्चों की पढाई में उन्हें काफी मदद मिली। यहाँ से उन्हें चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा, खुशहाल वातावरण आदि सुविधाओं के अतिरिक्त भी किसी अन्य सहायता की आवश्यकता होती है, तो भिलाई महिला समाज की पदाधिकारी उनके साथ होती हैं। उनके सुझाव सुने जाते हैं और उन पर अमल भी किया जाता है।

भिलाई महिला समाज द्वारा संचालित समृद्धि पेट्रोल पम्प की चमेली कंवर पिछले 18 साल से इनसे जुडी हैं और वे बताती हैं कि यहाँ की सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ हमे अपने घर परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी आसान हो गया है। घर कि समृद्धि बढ़ी है, व्यक्तिगत विकास हुआ है और यहाँ कार्य करने की बदौलत ही भिलाई इस्पात संयंत्र का 2 बार भ्रमण कर चुकी हैं। ये बताते हुए उनके चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी, मानो भिलाई महिला समाज ने उनके लिए कुछ अद्भुत कर दिया है।

ऐसे ही अनेक महिलाएं हैं, जिन पर विभिन्न परिस्थियों में परिवार की जिम्मेदारी आ गई। कुछ परिवार के मुखिया के चले जाने से, कुछ आर्थिक परेशानियों से तो कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से पीड़ित असहाय महिलाएं थीं, जिन्हें भिलाई महिला समाज ने एकत्र कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया और उन्हें मजबूती प्रदान की। ऐसे कई परिवार हैं जो आज भी भिलाई महिला समाज की सहायता से विकसित हो रहे हैं, तो कई परिवार ऐसे भी हैं जो आबाद हो चुके हैं। इन परिवारों के बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल करके आज आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके हैं और उन्हें भिलाई महिला समाज जैसे किसी भी संगठन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। ये खुशहाल, आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता से युक्त जीवन ही भिलाई महिला समाज के लिए वह मुकाम है जो इसके प्रयोजन की पूर्णता का सूचक है।

इसी कड़ी में भिलाई महिला समाज की (महासचिव) श्रीमती साधना गोयल, (सहसचिव) श्रीमती सोनाली रथ, (कोषाध्यक्ष) श्रीमती शिखा जैन, (सह-कोषाध्यक्ष) श्रीमती दीपान्विता पाल ने बताया, कि भिलाई महिला समाज की संयुक्त सदस्य महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर, बिना किसी ब्याज के लोन भी उपलब्ध कराना, परिवार एवं स्वास्थ्य विषय पर उनकी काउंसलिंग करना, उनका मनोबल बढ़ाना, उन्हें हौसला देना, मजबूत करना आदि का कार्य भी किया जाता हैं। भविष्य में प्लांट के कर्मचारियों के लिए उपयोगी वस्तुओं के उत्पादन की दिशा में कार्य करना और इनके रोजगार में वृद्धि करना हमारा लक्ष्य है, ताकि महिलाएं सशक्त हो सकें। उन्होंने बताया कि भिलाई महिला समाज के सभी इकाईयों में महिलाओं के लिए प्रसाधन, पेयजल एवं रोशनी की व्यवस्था, स्वास्थ्यवर्धक तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है।

पदाधिकारियों ने बताया कि भिलाई महिला समाज के सदस्यों को भविष्य निधि की सुविधा के साथ समय-समय पर गद्दे, तकिये, स्टील ड्रम, बर्तन, कपड़े  तथा नगद प्रोत्साहन राशि एवं पुरस्कार भी वितरित किये जाते हैं। समय समय पर इनके लिए अग्निशमन विभाग द्वारा आग से बचाव हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करती है। शिक्षा संबंधी दी जाने वाली सुविधाओं में इनके संयुक्त सदस्यों के प्रतिभावान स्कूली बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। आवश्यकतानुसार निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे- नेत्र परीक्षण, मोतियाबिन्द की शल्य क्रिया एवं लैस प्रत्यारोपण तथा चश्मों का वितरण, जरुरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र एवं ट्राईसिकल वितरित आदि की सुविधाएँ प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त इन महिलाओ को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न अवसरों और त्योहारों पर सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया जाता है। गणतंत्र दिवस समारोह में झांकी प्रदर्शन, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का आयोजन एवं भजन संध्या का आयोजन, 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन। महिला सदस्यों एवं कर्मचारियों के  मनोरंजन के उद्देश्य से उन्हें पिकनिक पर ले जाना तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण पर ले जाना आदि शामिल है। उन्होंने कहा, इन बदलती परिस्थितियों में अब भी भिलाई महिला समाज अपने सदस्यों की मजबूत नींव के साथ, सेवाभावी कार्यों के लिए निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर है और समय के साथ इसे मजबूत बनाना ही हमारा उद्देश्य है।

भिलाई महिला समाज के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन 4 अगस्त को

अंचल की प्रमुख सशक्त और दृढनिश्चयी महिला संगठन “भिलाई महिला समाज” 4 अगस्त, 2024 को अपना 67 वां स्थापना दिवस समारोह मनाने जा रहा है। इस अवसर पर सेक्टर-1 स्थित नेहरू सांस्कृतिक सदन में अपरान्ह 3.00 बजे से एक इन्द्र धनुषी स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की पहली महिला कुलपति, डॉ अरुणा पाल्टा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ अरुणा पाल्टा के सम्बोधन के साथ ही भिलाई महिला समाज की अध्यक्ष श्रीमती त्रिपर्णा दासगुप्ता भी समाज की महिला सदस्यों को संबोधित करेंगी। इस दौरान वर्ष भर की गतिविधियों का लेखा-जोखा पेश किया जायेगा। साथ ही महिला समाज की विभिन्न उत्पादक इकाईयों के सदस्यों द्वारा आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये जायेंगे। इसमें नारी-सशक्तिकरण पर नृत्य नाटिका, लोकनृत्य आदि आकर्षण के मुख्य बिंदु होंगे।

संयंत्र की स्थापना के बाद से ही इस क्षेत्र में प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से गठित भिलाई महिला समाज, प्रति वर्ष 4 अगस्त को अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित करती है। अंचल की ये प्रमुख महिला संगठन, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये अनेक उत्पादक इकाईयों का संचालन करती है। भिलाई महिला समाज द्वारा सेक्टर-6 में एक पेट्रोल पंप का भी संचालन किया जाता है।