Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जल्द बनेगा ओडीएफ प्लस में मॉडल स्टेट: उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

छत्तीसगढ़ जल्द बनेगा ओडीएफ प्लस में मॉडल स्टेट: उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

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रायपुर

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य जल्द ही ओडीएफ प्लस में मॉडल स्टेट बनने जा रहा है। राज्य में 36 लाख परिवारों के यहां शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं 13137 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। श्री शर्मा आज अपने निवास कार्यालय से विश्व शौचालय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली सम्बोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि विश्व शौचालय दिवस के मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पूरे राज्य में हमारा शौचालय, हमारा सम्मान की थीम पर 19 नवंबर से 10 दिसम्बर तक स्वच्छता के महत्व और शौचालय के उपयोग पर जन जागरूकता सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस मौके पर 5 हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय का स्वीकृति पत्र एवं 5 स्वच्छाग्राही दीदियों को स्वच्छता किट का वितरण किया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के कल्पना को साकार करने का प्रण लेते हुए 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शंखनाद किया। प्रधानमंत्री का यह प्रण आज संपूर्ण राष्ट्र का प्रण बन चुका है। स्वच्छ भारत के निर्माण को एक जनक्रांति का स्वरूप देने की कड़ी में 19 नवम्बर, 2024 विश्व शौचालय दिवस से 10 दिसम्बर, 2024 मानव अधिकार दिवस तक पूरे राष्ट्र में अभियान मनाया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी परिवार बिना शौचालय के न हो इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। यक्तिगत शौचालयों का उपयोग केवल एक व्यक्तिगत सुविधा नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को स्वस्थ, स्वच्छ और सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण प्रदान करने में सहायक होगी।

श्री शर्मा ने कहा कि घरों में शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं को खुले में शौच के लिए घर से बाहर जाना पड़ता था, जिससे उनकी गरिमा और सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह रहता था। व्यक्तिगत शौचालयों ने उन्हें इस असुविधा से मुक्त किया है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। गांव के आस-पास के वातावरण में स्वच्छता बनी रहती है, जिससे बीमारियों पर नियंत्रण रखना आसान हो जाता है। कार्यक्रम को प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक सिंह, मिशन संचालक सुश्री जयश्री जैन ने भी सम्बोधित किया।