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विकसित भारत प्रोग्रेस एण्ड डेवलपमेंट

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रायपुर

कलिंगा विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारतः प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट’ थीम पर आज दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरूआत आज 21 मार्च 2025 जनसम्पर्क विभाग के अपर संचालक श्री आलोक देव के मुख्यअतिथ्य में हुई।

यह संगोष्ठी जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, सिस्टर निवेदिता युनिवर्सिटी कोलकाता, राजमोहिनी देवी गर्ल्स पीजी कॉलेज अंबिकापुर और इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन का संयुक्त आयोजन है। इन दो दिनों में 20 से अधिक तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, इस संगोष्ठी में देश भर के विभिन्न नामी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स द्वारा अपनी भागीदारी की जा रही है। संगोष्ठी में शोध प्रस्तुतकर्ताओं को मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। प्रस्तुत होने वाले शोध पत्रों के विषय हैं- आर्थिक विकास एवं समृद्धि, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, आंतरिक सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधन, संस्कृति व जैव विविधता का संरक्षण, शासन एवं संस्थागत सुधार, डिजिटल समृद्धि, विश्व शांति में भारत की भूमिका। इन विषयों पर प्रस्तुत शोध पत्रों का संपादन कर पुस्तक प्रकाशन की योजना है ताकि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और पुस्तकालयों में पाठकों को इन विषयों पर समग्र जानकारी मिलेगी। संगोष्ठी की संयोजक डॉ. शिल्पी भट्टाचार्य ने बताया कि शासन की जनकल्याणकारी नीतियों की प्रगति एवं नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है।

संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए जनसम्पर्क विभाग के अपर संचालक श्री आलोक देव ने विकसित भारत / 2047 प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट’ के संबंध में बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी राज्यों को पूरा करने उच्च तकनीकों, गुणवत्ता युक्त उत्पादों का उत्पादन सहित पर्यावरणीय, जलवायु परिवर्तन और विकसित देशों के अनुभव जैसे महत्वपूर्ण गोल्स पर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में खनिज, वन संपदा, मानवीय संसाधन, उद्योग, उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण संसाधनों जिससे योजनाबद्ध ढंग से विकसित भारत के लिए छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। श्री आलोक देव ने विकसित भारत के संबंध में राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रतिभागियों के समक्ष महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किए।

राष्ट्रीय संगोष्ठी को सीआईडीसी के डायरेक्टर जनरल डॉ. पी.आर. स्वरूप, उच्च शिक्षा संचालनालय के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए.घनश्याम, रिटायर्ड आई.एफ.एस श्री अरविंद बोज., कलिंगा यूनिवर्सिटी की राजनीति शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. अनिता, जनरल सेक्रेटरी इंडिया एकोनॉमी एसोसिएशन डॉ. रविन्द्र ब्रम्हे सहित अन्य विद्यवान वक्ताओं ने ‘विकसित भारतः प्रोग्रेस एंड डेवलपमेंट’ के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय संगोष्ठी विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर छात्र-छात्राएं एवं विभिन्न विषयों के जानकार लोगांे ने चर्चा में भागीदारी की।