Home छत्तीसगढ़ शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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रायपुर

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है। स्कूली बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पाठ्य पुस्तक निगम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजा पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में कहीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने पर श्री राजा पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम का दायित्व है की किताबें समय पर छपें और बच्चों को स्कूल में पुस्तकें समय पर उपलब्ध हों। मुझे पूरी उम्मीद है कि श्री राजा पांडेय पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिहाज से पाठ्यपुस्तक निगम के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ में लागू किया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पर भी फोकस किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर हम बच्चों को 18 स्थानीय बोलियों में किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर पायेंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ राज्य के बच्चों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ स्कूल और ट्रिपल आईटी छत्तीसगढ़ में स्थापित हुए हैं। आज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान का लाभ लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। आज नवा रायपुर में हमने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया है। ये सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश का दूसरा यूनिट है। 1143 करोड़ की लागत से इस संयंत्र की स्थापना हुई है। कम्पनी ने 10 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। इससे सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माण में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी तरह नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में आज स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस आबंटित किया गया है। बिहान की बहनों को 40 बैटरी चालित ई-रिक्शा भी दिया गया है। साथ ही आज एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का भी हमने शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की निवेशकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। एनर्जी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में राज्य को निवेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है।

केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा समाजिक परिवर्तन की धुरी है। समाजिक परिवर्तन से आर्थिक परिवर्तन संभव है। आर्थिक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र की संकल्पनाओं को साकार किया जा सकता है।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन को लेकर कार्य कर रही है। अभी गांवों से लेकर शहरों तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन के उद्देश्यों और आम जनमानस तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सभी निगम-मंडल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस अवसर पर नवनियुक्त श्री राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर विधायक श्री अमर अग्रवाल,विधायक श्रीमती गोमती साय,विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री सुशांत शुक्ला,विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, पूर्व मंत्री श्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा,पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल सहित निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण श्री भूपेंद्र सवन्नी,श्री रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री अनुराग सिंहदेव, श्री लोकेश कांवड़िया, श्री शशांक शर्मा, श्री श्रीनिवास मद्दी , श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा छ. ग. पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारीगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।