Home राजनीति महादेव एप का तार पीएमओ तक सीबीआई पीएमओ की जांच करेगी? –...

महादेव एप का तार पीएमओ तक सीबीआई पीएमओ की जांच करेगी? – दीपक बैज

1
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महादेव सट्टा एप मामले में एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को प्रत्यार्पित करके भारत फिर रायपुर लाया गया है। इस मामले में अभी तक सिर्फ सौरभ चंद्राकर को ही रायपुर लाया गया है। जबकि सौरभ के पार्टनर रवि उप्पल और शुभम सोनी अभी भी पकड़ से बाहर है, उन्हें कब पकड़ा जायेगा? शुभम सोनी ने विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान एक वीडियो में यह दावा किया था कि महादेव सट्टा एप का वह मालिक है तथा सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल उसके लिए काम करते है। शुभम सोनी के इस वीडियो को भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके जारी किया था। मतलब भाजपा भी शुभम सोनी के दावे से सहमत थी। शुभम सोनी के इसी दावे के आधार पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार और हमारे तत्कालीन मुख्यमंत्री के ऊपर आरोप भी लगाया था। कांग्रेस का सवाल है शुभम सोनी को कब पकड़कर लाया जायेगा? उसके झूठे दावे के आधार पर पूरे विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस की तत्कालीन सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर राजनैतिक लाभ लिया था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महादेव सट्टा एप के सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया जाना संभव हो सका तो उसके पीछे कांग्रेस की भूपेश सरकार के ठोस प्रयास है। महादेव सट्टा एप के खिलाफ पहली एफआईआर से लेकर 72 एफआईआर तक दर्ज करने की ठोस कार्यवाहियां कांग्रेस की सरकार ने किया था। 500 से अधिक जप्तियां और गिरफ्तारियां भी कांग्रेस की सरकार ने ही किया था। सौरभ चंद्राकर को तो लाया गया है लेकिन रवि उप्पल, शुभम सोनी को कब लाया जायेगा? महादेव सट्टा एप को गूगल प्ले पर से कांग्रेस की भूपेश सरकार के अनुरोध पर ही हटाया गया था। कांग्रेस की सरकार के समय ही रायपुर पुलिस की अर्जी पर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ था। गेमिंग एप के खिलाफ सख्त कानून भी कांग्रेस की भूपेश सरकार ने ही बनाया था। इसके पहले तो गेमिंग सट्टा एप के खिलाफ भारत में कोई कानून ही नहीं था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महादेव सट्टा एप को लेकर भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले खूब प्रोपेगंडा किया लेकिन डबल इंजन की सरकार के बाद भी पिछले 3 साल से महादेव सट्टा एप क्यों बंद नहीं हुआ? आज भी महादेव सट्टा एप के विज्ञापन सोशल मीडिया साइट्स पर उपलब्ध है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दिसंबर 2025 में महादेव एप मामले में तीन बड़े नाम सामने आए थे-प्रधानमंत्री के करीबी और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी हीरेन जोशी, 23वें वित्त आयोग के सदस्य हितेश जैन और प्रसार भारती के अध्यक्ष नवनीत शहगल इन सबने महादेव सट्टा एप को संरक्षण दिया था, इसके प्रमाण सामने आये है। किसके कहने पर इन लोगों ने महादेव सट्टा एप को संरक्षण दिया? इस मामले में भाजपा आर्थिक सेल के पूर्व संयोजक विकास गर्ग की सक्रिय भूमिका और भागीदारी भी जगजाहिर है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग एप केंद्रीय सूचना प्रसारण विभाग से नियंत्रित होती है लेकिन महादेव सट्टा कांड के तार पीएमओ से लेकर लॉ कमीशन और प्रसार भारती तक के बड़े अधिकारियों पर आरोप लगे। पीएमओ के अधिकार और प्रधानमंत्री मोदी के करीबी हिरेन जोशी, हितेश जैन और प्रसार भारती के नवनीत शहगल जैसे लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, बेहद स्पष्ट है कि सत्ता के संरक्षण के बिना यह संभव नहीं है। प्रदेश में तीन साल से डबल इंजन की सरकार है। भाजपा बताये राज्य में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद महादेव एप पर कितनी कार्यवाही की गयी? आज भी महादेव एप धड़ल्ले से किसके संरक्षण में चल रहा है?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विगत 3 वर्षों में महादेव सिंडिकेट में कई ऑनलाइन सट्टा पैनल सक्रिय है। इनमें रेड्डी अन्ना, रेड्डी क्लब, FBBET77, CBFTE ऑनलाइन बुक, बेटभाई बुक, फेयर प्ले, सुपर विन, विन बज, जन्नत बुक, महाकाल बुक, राजवीर ऑनलाइन बुक, लोटस 365, लेजर बुक, कोहनूर बुक, अलीबाबा बुक, खेलोयार, एसडी बुक, लॉयन बुक, स्काई एक्सचेंज और डायमंड एक्स डॉट कॉम जैसे दर्जनों नए-नए सट्टा एप खुलेआम चल रहे है इस सरकार में। सरकार बताएं कि इस धंधे को सरकारी संरक्षण और जीएसटी की आड़ में लीगल लाइसेंस क्यों दे दिया गया? पीएमओ के अधिकारी हीरेन जोशी को कौन बचा रहा है? हीरेन जोशी को बचाने के लिए ही जांच की दिशा भटकाई जा रही है आज इस पूरे नेटवर्क को सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है। असल गुनहगारों की प्रशासनिक कवच मिल गया है। जब सोशल मीडिया पर महादेव और अन्य सट्टा-गेमिंग ऐप्स के विज्ञापन खुलेआम चल रहे हैं, तो केंद्र का आईटी विभाग और राज्य का गृह-वित्त विभाग इस पर पूरी तरह मौन और असहाय क्यों है? क्या 50,000 करोड़ से अधिक की टैक्स कमाई और सत्ता में बैठे भाजपाइयों का प्रोटेक्शन मनी इसका कारण है?

पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सकलेन कामदार, रायपुर शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, प्रवक्ता अजय गंगवानी, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।