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ग्राम घोडारी की नदी में कथित अवैध पत्थर खनन की कार्यवाही की मांग को लेकर ग्रामवासियों के कलेक्टर को लिखा पत्र

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सेवा में,

श्रीमान कलेक्टर महोदय,

जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़।

प्रतिलिपि :

1. श्रीमान जिला खनिज अधिकारी महोदय।

2. श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महोदय।

3. श्रीमान तहसीलदार महोदय।

4. संबंधित थाना प्रभारी महोदय।

विषय: ग्राम घोडारी की नदी में कथित अवैध पत्थर खनन से बाढ़ आने की आशंका एवं ग्रामीणों की जान-माल को खतरा होने के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने हेतु आवेदन।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि हम ग्राम घोडारी के समस्त नागरिक आपका ध्यान अपने गांव की एक गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। हमारे गांव की नदी में पत्थर खनन किए जाने से ग्रामीणों में भय एवं चिंता का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गोपाल दास (ग्राम घोडारी के उपसरपंच), भूषण जांगड़े, अशोक साहू एवं विनय परमार के संबंध में नदी में पत्थर खनन किए जाने की शिकायत है। अतः संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, खनन की अनुमति तथा खनन कार्य की वैधता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

हमारी प्रमुख शिकायतें निम्नलिखित हैं:

1. नदी में खनन से बाढ़ का खतरा: नदी में बड़े पैमाने पर पत्थर खनन किए जाने से नदी के प्राकृतिक स्वरूप एवं जलप्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इससे बरसात के समय हमारे गांव में बाढ़ आने तथा ग्रामीणों के घरों एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

2. सितंबर माह में घरों तक पहुंचा नदी का पानी: सितंबर माह में नदी का पानी ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया था। उस समय ग्रामीणों को काफी डर और परेशानी का सामना करना पड़ा। यदि नदी में इसी प्रकार अनियंत्रित खनन जारी रहा, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इससे ग्रामीणों की जान-माल को खतरा उत्पन्न होने की आशंका है।

3. खनन नियमों की जांच आवश्यक: ग्रामीणों का कहना है कि नदी में खनन निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा सीमाओं के अनुसार होना चाहिए। खनन स्थल की स्थिति, नदी से संबंधित लागू नियमों तथा निर्धारित दूरी और अनुमति की जांच की जाए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

4. पूरे नदी क्षेत्र में खनन की शिकायत: ग्रामीणों के अनुसार, नदी के विभिन्न हिस्सों में खनन किया जा रहा है। इसलिए संबंधित विभाग द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि खनन निर्धारित अनुमति एवं स्वीकृत क्षेत्र के भीतर ही हो रहा है।

अतः श्रीमान जी से हमारी प्रमुख मांगें हैं:

1. ग्राम घोडारी की नदी में किए जा रहे पत्थर खनन की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए।

2. जांच पूरी होने तक, यदि प्रथम दृष्टया अवैध खनन या गंभीर सुरक्षा उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार खनन कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।

3. संबंधित व्यक्तियों के खनन पट्टे, अनुमति पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए।

4. नदी में खनन के कारण बाढ़ आने की आशंका का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा ग्रामीणों के घरों और जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

5. यदि अवैध खनन अथवा नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

6. की गई जांच एवं कार्रवाई की जानकारी ग्राम घोडारी के नागरिकों को लिखित रूप में प्रदान की जाए।

महोदय, यह मामला केवल खनन का नहीं, बल्कि पूरे गांव के नागरिकों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा हुआ है। सितंबर माह में नदी का पानी घरों तक पहुंचने की घटना के बाद ग्रामीणों में भय बना हुआ है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें, ताकि ग्राम घोडारी के नागरिक सुरक्षित रह सकें।

धन्यवाद।

भवदीय,

समस्त ग्रामवासी एवं नागरिक

ग्राम पंचायत घोडारी

जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़।