Home देश तेलंगाना में जाति जनगणना को लेकर गदगद हुए राहुल गांधी

तेलंगाना में जाति जनगणना को लेकर गदगद हुए राहुल गांधी

39
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की और राज्य में जाति सर्वेक्षण के प्रमुख विवरणों पर चर्चा की। दूसरी ओर एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि रेवंत रेड्डी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं ने मेरी उम्मीदों से कहीं बढ़कर काम किया। उन्होंने न केवल जाति जनगणना उस भावना से की जिस भावना से होनी चाहिए थी। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि जिस कुशलता से उन्होंने इसे किया है, वह देश में सामाजिक न्याय के लिए एक मील का पत्थर है। यह तय करेगा कि राष्ट्रीय जाति जनगणना कैसी होगी, चाहे भाजपा इसे पसंद करे या न करे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह एक सामाजिक औज़ार है और साथ ही एक वित्तीय, आर्थिक औज़ार भी है। भाजपा को यह पसंद नहीं है कि यह एक राजनीतिक औज़ार भी है। असल बात यह है कि आरक्षण पर 50% की दीवार तोड़ने का विचार, जिन दो बिंदुओं से भारत सरकार इनकार कर रही है – शिक्षा और सरकारी पदों में आरक्षण, और पंचायती राज के तीसरे स्तर में आरक्षण, हिंदुत्व की राजनीति को पूरी तरह से नष्ट करने की क्षमता रखता है। वे यह जानते हैं, हम यह जानते हैं। इसीलिए, जब हमने दबाव डाला, तो भाजपा को सुनने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके पास कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि भाजपा जाति जनगणना सही तरीके से नहीं करने वाली है। वे ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि वे भारत के प्रधानमंत्री को ओबीसी, दलितों और आदिवासियों, यहाँ तक कि सामान्य जातियों की सही स्थिति नहीं बता सकते। वे भारत को यह सच्चाई नहीं बता सकते क्योंकि अगर वे बता देंगे और भारत को सच्चाई का पता चल जाएगा, तो उनका पूरा विचार ही खत्म हो जाएगा।

इस दौरान रेवंत रेड्डी ने कहा कि भाजपा ने साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया कि हम जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे। राजनाथ सिंह ने संसद में खड़े होकर कहा कि हम देश में जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे। लेकिन जब राहुल गांधी जी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान देश के लोगों से मुलाक़ात की, उनकी समस्या सुनीं तो उन्होंने मांग उठाई कि देश में जातिगत जनगणना होनी चाहिए। उसी दौरान, राहुल गांधी जी ने यह भी कहा था कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार बनने के बाद जातिगत जनगणना कराई जाएगी और बाद में हमने राज्य में ये काम पूरा भी किया।

उन्होंने कहा कि  सोनिया गांधी जी की वजह से हमें तेलंगाना राज्य मिला है। इसी तेलंगाना से राहुल गांधी जी ने जातिगत जनगणना का वादा किया, जिसे पूरा करने के लिए मैं खड़ा हो गया। मैंने सभी वर्ग के लोगों को बुलाया और सभी को समझाया कि अब जातिगत सर्वे हमारी जरूरत है, हमें ये करना ही पड़ेगा। इसी के साथ हमने तय किया और 4 फरवरी 2024 को सर्वे का काम शुरू किया गया। 4 फरवरी 2025, यानी सिर्फ एक साल में हमने ये काम खत्म कर डाटा विधानसभा में रख दिया। हमने हर साल 4 फरवरी को ‘सोशल जस्टिस डे’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

रेड्डी ने कहा कि जातिगत जनगणना का ये काम सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के कारण ही पूरा हो पाया है। भाजपा के नेता कहते हैं कि नरेंद्र मोदी OBC नेता हैं। लेकिन मैं कहता हूं। वे जन्म से OBC नहीं है, बल्कि ‘Legally converted OBC’ हैं। क्योंकि नरेंद्र मोदी जब मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने अपनी जाति को OBC में शामिल किया था।