Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव :...

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

198
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन न होकर हम सभी प्रदेशवासियों का महोत्सव है, जिसमें राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जन सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने और दृढ़ संकल्प को लेकर आगे  बढ़ेंगे तो मंज़िल ज़रूर मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे, जो स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह रजत महोत्सव राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन से पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था।  सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का आदर्श मॉडल विकसित किया, जिसके माध्यम से आज लाखों परिवार निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं और कोई भी भूखा नहीं सोता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना छत्तीसगढ़ में हुई। आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नये युग के उद्योगों में नई औद्योगिक नीति लागू करने के बाद अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।

25 सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन

महोत्सव के दौरान आगामी 25 सप्ताह तक राज्य के विभिन्न विभागों, सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनता से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हों।

विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण

शुभारंभ कार्यक्रम में रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया।

संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को दोबारा जीने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने विशेष रूप से इस महोत्सव में गरीबों, युवाओं, आम नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विभागों को एक-एक सप्ताह का समय आबंटित किया है, जिसके दौरान विभागीय गतिविधियों का ग्राम स्तर तक आयोजन कर जनता को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब एवं पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री गौरव कुमार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।