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भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: 14 नवंबर से दिल्ली में बिखरेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा

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*छत्तीसगढ़ में पर्यटन-संस्कृति के साथ उद्योगों-कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन*

 

*वनोपज उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ मिलेट कैफे भी लगेगा*

 

रायपुुर, 13 नवंबर 2025/ नईदिल्ली के भारत मण्डपम में 14 नवंबर से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा बिखरेगी। यहां 27 नवंबर तक भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर छत्तीसगढ़ का आकर्षक पवेलियन बनाया जा रहा है। इस मेले में देश के सभी राज्यों सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उद्योगपति और निवेशक भी आयेंगे। मेले में बने छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य के औद्योगिक विकास की झलक दिखाई जायेगी। यहां छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, उद्योगों के लिए व्यापक अनुकूल माहौल और व्यवस्थाऐं तथा नई औद्योगिक नीति के बारे में आगंतुकों को पूरी जानकरी दी जायेगी। इस मेले में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन, सुक्ष्म लघु एवं मध्यम ईकाईयों की स्थापना, उनके उत्पादों से संबंधित जानकारियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा। मेला अवधि में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निवेशेकों के साथ बैठकें, इन्वेस्टर कनेक्ट आदि भी किये जायेंगे।

 

इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन की संभावना का भी प्रदर्शन किया जायेगा, ताकि संस्कृति और पर्यटन पर आधारित रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। मेले में बने पवेलियन में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प, वनोपज उत्पादों, खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में उद्योग शुरू करने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। पवेलियन में बस्तर क्षेत्र को फोकस करते हुए डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।

 

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान 24 नवंबर को भारत मण्डपम दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस भी मनाया जायेगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य भी शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा। छत्तीसगढ़ पवेलियन में हर दिन राज्य की सांस्कृतिक छटा का प्रदर्शन नृतक दलों के माध्यम से किया जायेगा। यहां छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग हस्तकला, हथकरघा, चरखा आदि का जीवंत प्रदर्शन, उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी।

 

छत्तीसगढ़ पवेलियन में मिलेट से संबंधी उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ मिलेट कैफे भी लगाया जायेगा। इससे लोगों को छत्तीसगढ़ में उगाये जाने वाले लघु धान्यों कोदो, कुटकी, रागी, संवा आदि के उत्पादन, उनके व्यवसाय के लिये आकर्षित किया जा सकेगा। इस मेले में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध जैविक और एक्जॉटिक खाद्यन्नों का भी प्रदर्शन होगा, ताकि इन उत्पादकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल सके। लघु वनोपज संघ के द्वारा अपने वनोपजों से बने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री भी कि जायेगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एफएमसीजी कंपनियों के माध्यम से इन उत्पादों की मार्केटिंग करने की व्यवस्था का प्रयास किया जायेगा। पवेलियन में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों, उपलब्ध अधोसंरचना और ईको-टूरिज्म के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। ताकि अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ के बारे में जान सके।