Home Uncategorized बस्तर अंचल से सतत संवाद, विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से...

बस्तर अंचल से सतत संवाद, विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से मजबूत होगा जनविश्वास : मुख्यमंत्री श्री साय

60
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

छत्तीसगढ़ के विकास में लंबे समय से सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का अंत अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के सशक्त नेतृत्व तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल हो रही है। यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि नक्सलवाद की हिंसक विचारधारा फिर कभी सिर न उठा सके और इसके लिए बस्तर अंचल से सतत संवाद, विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बस्तर का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों के लिए बस्तर के विकास का एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार कर मिशन मोड में उसका क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा सचिवों को बस्तर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र गति से विस्तार अत्यंत आवश्यक है, ताकि दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचे और शासन-प्रशासन पर लोगों का भरोसा सुदृढ़ हो। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्वस्फूर्त जनभागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बैठक में पेयजल, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए सतही जल स्रोतों से आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने, शेष गांवों के शीघ्र विद्युतीकरण तथा दूरस्थ इलाकों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार कार्ड निर्माण, बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। पर्यटन विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने होम-स्टे को प्रोत्साहन देने, स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत चिन्हित स्थलों के विकास, बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण तथा युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित बस्तर के 32 स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षण दिए जाने के पहल की विशेष रूप से सराहना की।

बैठक में वनधन केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, शिक्षा के क्षेत्र में भवन विहीन विद्यालयों के लिए शीघ्र राशि स्वीकृति, नवोदय एवं पीएमश्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, पीएम-अभीम योजना, बाइक एम्बुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएँ, आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना तथा रोजगार और आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्ययोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को नई गति मिल सके।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., समस्त विभागीय सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।