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सिंघनपुर शेलाश्रय की गुफा में खजाने का रहस्य

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रायपुर .छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित सिंघनपुर शेलाश्रय के एक गुफा के भीतर खजाने के होने का रहस्य आज भी बरकरार है.नजदीकी ग्रामीण मानते हैं की इस  शेलाश्रय की तीसरी गुफा में अकूत खजाना रखा हुवा है जिसकी सुरक्छा मधुमक्खियाँ करती है .दो गुफाओ में आदि मानवों के बनाये चित्र व हथियार है .तीसरी गुफा में कोई नहीं जा पाता .यह विश्वप्रसिद्ध सिंघनपुर शेलाश्रयरायगढ़ बिलासपुर मार्ग पर रायगढ़ से २० कि.मी .दूर खरसिया के पास स्थित है .दो हजार फीट की पहाड़ी पर गुफाएं हैं जिनमे आदिमानव रहा करते थे .गुफा की दीवारों पर उन्होंने विभिन्न चित्र बनाये थे ,जिन्हें शेलचित्रकहा जाता है .१९१८ में पारसी ब्राउन ने अपनी किताब इण्डियन पेंटिग्स तथा इन्स्लाकोपिदियाआफ ब्रिटेनिया में इसका उल्लेख किया था .गुफा में गये राबर्टसन की मौत मधु मक्कखियों के काटने से हुवी थी .   गुफा का तिलस्म टूटने की जगह और मजबूत होता जा रहा है। गुफा में खजाना होने की कहानी पर विश्वास कर जो भी इस खजाने तक पहुंचने की कोशिश करता है, उसे ऐन-केन-प्रकरेण जान से हाथ धोना पड़ता है। अब तक चार लोगों की मौत इस गुफा में खजाने की तलाश के दौरान हो चुकी है।  सिंघनपुर गुफा को लेकर कई तरह की कहानियां क्षेत्र में फैली है।
मानव सभ्यता के विश्वास को रेखांकित करने वाले शैलचित्रों के चलते सिंघनपुर गुफा को पहचान मिली लेकिन अंग्रेजों के जमाने से ही यह गुफा हर खासो-आम की दिलचस्पी का केन्द्र खजाने को लेकर रही है। किंवदंतियों में इस गुफा को जहां साधुओं के अखाड़े के रूप में स्थान मिला है। वहीं यह बात भी प्रचलित है कि गुफा में खजाना है। कहते है कि जो भी व्यक्ति इस खजाने को हासिल करने की मंशा से तीसरी  गुफा में प्रवेश करता है, उसका जिंदा लौट पाना नामुमकिन है। अंग्रेज अफसर राबर्टसन से लेकर रायगढ़ राजघराने के राजा लोकेश बहादुर सिंह की अस्वाभाविक मौत ने गुफा के संबंध में बनी धारणा को मजबूत करने का ही काम  किया है। सिंघनपुर गांव के लोगो का कहना है कि यह संतो का अखाडा रहा है। आध्यात्मिक ऊंचाईयों को स्पर्श कर चुके ये संत अदृश्य रूप से आज भी गुफा में साधनारत है। बुरी नीयत से गुफा में प्रवेश करने वालों को यही दंड देते है लेकिन जो भी व्यक्ति सहज रूप से यहां जाता है, उसे कभी क्षति नहीं पहुंची। गुफा में मौजूद मधुमक्खियों को अदृश्य संतो का अनुचर मानने वाले ग्रामीणों की भी कमी नही है।  यह बात पूरे क्षेत्र में फैली है कि यहां कोई गुप्त खजाना है,जो संभवत: किसी राजा का है और इसे हथियाने का जो भी व्यक्ति प्रयास करेगा, उसकी मृत्यु निश्चित है। सिंघनपुर गुफा का तिलस्म टूटने की जगह और मजबूत होता जा रहा है। गुफा में खजाना होने की कहानी पर विश्वास कर जो भी इस खजाने तक पहुंचने की कोशिश करता है, उसे ऐन-केन-प्रकरेण जान से हाथ धोना पड़ता है .

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