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महात्मा गांधी नरेगा कार्यस्थलों पर बारिष के जलसंचय की षपथ ले रहे हैं ग्रामीण श्रमिक आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत 9 अप्रैल से प्रारंभ हुई यह गतिविधि 30 मई तक चलेगी

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रिपोर्ट – अभिजीत मुखर्जी

बैकुण्ठपुर । केंद्र सरकार द्वारा आजादी के 75 वीं सालगिरह के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। पूरे देष में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में ग्राम पंचायत स्तर पर और विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। इसके तहत कोरिया जिले के सभी मनरेगा कार्यस्थलों पर बारिष के जल संचय के लिए ग्रामीण षपथ ले रहे हैं कि वह सभी मिलकर आने वाले वर्षाकाल में जल की प्रत्येक बंूद को संचित करने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही पानी के महत्व से अवगत कराते हुए अपने आस पास के सभी आम जनों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित भी करेंगे। यह आयोजन राज्य षासन के निर्देषानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के कार्यस्थलों पर नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्री एस एन राठौर के मार्गदर्षन में प्रत्येक मनरेगा कार्यस्थल पर जलसंचय की षपथ का आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आगामी समय में अन्य गतिविधियों का भी आयोजन किया जाना है। इन सभी कार्यक्रमों का मूल उद्देष्य ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और ग्रामीणों को आर्थिक संबल बनने के लिए राह दिखाना है। इसके तहत गत मार्च माह से प्रारंभ हुई अलग-अलग गतिविधियों को आगामी वर्ष मंे जुलाई तक संपादित किया जाना है।
        जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि वर्तमान समय में कोरिया जिले में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत 988 कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर प्रगतिरत हैं जिनमें 40 हजार से ज्यादा श्रमिक निरंतर कार्य कर रहे हैं। वैष्विक महामारी के दौर में भी कोरिया जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मूलक गतिविधियों को निरंतर संचालित किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के समक्ष दैनिक रोजगार की कोई समस्या नहीं है। साथ ही जलसंचय की गतिविधियों को और उसके लिए संरचनाओं के निर्माण पर विषेष प्रयास किया जा रहा है। जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले भर में चल रहे लगभग एक हजार कार्यस्थलों में वैष्विक महामारी से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। सभी जगहों पर श्रमिकों के बीच उचित दूरी रखकर मास्क का उपयोग करते हुए ही मनरेगा का कार्य कराया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक कार्यस्थल पर हाथ धुलाई और आवष्यक सुरक्षा के इंतजाम भी रखे गए हैं। जहां ज्यादा संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं वहां उनसे दो पालियों मंे कार्य कराया जा रहा है जिससे दो गज दूरी का प्रोटोकाल पालन किया जा सके और किसी भी परिस्थिती में बचाव होता रहे।
       कोरिया जिले में जनपद पंचायतों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के 72 ग्राम पंचायतों में 327 से ज्यादा जलसंरक्षण के रोजगारमूलक कार्य प्रगतिरत है जिनमें 8 हजार 8 सौ से ज्यादा पंजीकृत श्रमिक दैनिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह भरतपुर में 111 कार्यों में 4 हजार आठ सौ सत्तर श्रमिक कार्यरत हैं। जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के 61 ग्राम पंचायतों में 200 से ज्यादा कार्यों में 7 हजार 531 श्रमिकांे को रोजगार प्राप्त हो रहा है। खड़गंवा में 57 ग्राम पंचायतों में 317 अलग अलग कार्यों में 14 हजार 481 श्रमिकों को रोजगार की गारंटी प्राप्त हो रही है। साथ ही सोनहत के 33 ग्राम पंचायतों में चल रहे 193 कामों में 4 हजार 648 श्रमिक कार्यरत हैं। जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि काम की मांग के आधार पर ग्राम पंचायतों में पहले से ही पर्याप्त रोजगारमूलक कार्यों को स्वीकृत कर रखा गया है ताकि श्रमिकों को काम मांगने पर 15 दिन के अंदर ही रोजगार दिया जा सके।