Home छत्तीसगढ़ ‘मया मंडई’ एवं (युवोदय कोण्डानार चैम्पस) अभियान का विधायक ने किया शुभारंभ

‘मया मंडई’ एवं (युवोदय कोण्डानार चैम्पस) अभियान का विधायक ने किया शुभारंभ

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MLA launched 'Maya Mandai' and (Yuvodaya Kondanar Champs) campaign
Maya Mandai Abhiyaan
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  • कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष समारोह में हुए शामिल

कोण्डागांव, 11 दिसम्बर | Maya Mandai Abhiyaan : शुक्रवार को जिला कार्यालय में आयोजित समारेाह में विधायक  नारायणपुर एवं हस्तशिल्प कला बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप द्वारा जिले में सुपोषण एवं बाल स्वास्थ्य हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं यूनीसेफ के संयुक्त प्रयास से बनाये गये ’’मया मंडई’’ एवं युवोदय कोण्डानार चैम्पस अभियान का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा, जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम, उपाध्यक्ष भगवती पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष हेमकुवंर पटेल, यूनीसेफ के सी4डी प्रमुख सिद्धार्थ श्रेष्ठ, यूनीसेफ के राज्य प्रमुख जॉब जकारिया, जिला पंचायत सीईओ प्रेम प्रकाश शर्मा, यूनीसेफ सी4डी विशेषज्ञ अभिषेक सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग केआरएचओ, एनएम, मितानीन तथा महिला बाल विकास विभाग से सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें।

’मया मंडई’ द्वारा “5 की शक्ति” पर होगा जोर
हल्बी भाषा में (Maya Mandai Abhiyaan) मया का अर्थ मां की ममता तथा मंडई का अर्थ त्यौहार या मेंलो से होता है। आदिवासी अंचलो में मंडई के महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बच्चो को मां की तरह ध्यान रखते हुए उन्हे आगामी जीवन के लिए स्वस्थ्य भविष्य की तैयारियों के त्योहार के रूप में मया मंडई अभियान जिला प्रशासन एवं यूनीसेफ के प्रयास से प्रारंभ किया गयां है।

इस अभियान के 5 मुख्य आधारों को 5 की शक्ति के रूप में संबोधित किया गया है। जिसमें बच्चो के टीकाकरण, मातृस्वास्थ्य, महिलाओं में एनिमिया, कुपोषण और बाल स्वास्थ्य शामिल है।

इसमें 5 आधारों को बल देते हुए बच्चो को प्रारंभ में ही उचित महौल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत् सभी संबंधित विभागो को एक जुट कर सामुहिक जिम्मेदारी लेतेे हुए सभी के समन्वयन से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जायेगा। इस हेतु प्रत्येक गांव में प्रतिमाह एक दिन का चयन कर ’’मया मंडई’’ का आयोजन किया जायेगा।

जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनो, सुपरवाइजर तथा डॉक्टरों के सहयोग से सभी 0 से 6 वर्ष तक के बच्चो की स्वास्थ्य जांच कर उनके लिए आवश्यक टीकाकरण, पौष्टिक आहार आदि को प्रदान करते हुए कुपोषित बच्चो हेतु विशेष जांच के साथ परिजनों से चर्चा कर उन्हे बच्चो के उचित देखभाल एवं उनके स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जायेगी।

सामुदायिक सहभागिता, प्रभावी सेवा क्रियान्वयन, एकल एवं सामुहिक परामर्श इस अभियान के मुख्य घटक है। इसके तहत् प्रतिमाह अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान भी किया जायेगा।

‘युवोदय कोण्डानार चैम्पस’ द्वारा युवा भी विकास में बनेंगें सहभागी
जिला प्रशासन द्वारा गांवों के क्षमतावान युवांओं की क्षमताओं को गांव के विकास में प्रयोग करने के उद्देश्य से युवोदय कोण्डानार चैम्पस अभियान प्रारंभ किया गया है।

इसके अंतर्गत गांव के युवांओं को गांवों के सामाजिक आर्थिक विकास हेतु युवोदय कोण्डानार के स्वयंसेंवी (वालेंटीयर) के रूप मे कार्य करने हेतु अवसर प्रदान किया जायेगा।

यह स्वंयसेवी अवैतनिक होंगे एवं और ये गांवो के अन्दर समाहित समस्यांओं जैसे लिंग असमानता, बच्चो के विरूद्ध अपराध, अस्वच्छता एवं कुपोषण जैसी समस्याओं के विरूद्ध प्रशासन का सहयोग कर गांव के विकास एवं प्रगति में अपना योगदान दे पायेंगे।

इन स्वंयसेंवियों को कौशल विकास एवं स्व-सहायता समुहो के माध्यम से रोजगार कार्यक्रमो से जोड़कर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सक्षम बनने हेतु प्रेरित करने कार्य दिया जायेगा।साथ ही हर गांवो में 5 युवोदय स्वयंसेंवियो को नियुक्त किया जायेगा।

इस अवसर पर विधायक कश्यप ने कहा कि युवोदय एवं मया मंडई के द्वारा जिले के युवाओं के द्वारा जिले को एक नई पहचान प्राप्त होगी।

युवा जोश को प्रशासन का साथ मिलने से उनकी उर्जा को सही तरीके से प्रयोग करने पर युवा जोश, रचनात्मक सोच से कोण्डागांव जिला स्वस्थ शिक्षित, सुरक्षित एवं सशक्त होकर उभरेगा। जिसकी नीव युवाओं के द्वारा रखी जायेगी।

इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चे का आधार स्वस्थ मां से होता है एवं मां के स्वस्थ होने के लिए माता के स्वस्थ बचपन का होना आवश्यक है.

इसके लिए प्रत्येक बालिका के जन्म से ही उसे सुपोषित एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान कर स्वस्थ्य समाज की नीव रखी जा सकती है। इसके लिए (Maya Mandai Abhiyaan) मया मंडई के तहत् बालक एवं बालिकाओं दोनो पर बचपन से ही ध्यान देने की आवश्यकता है।

युवोदय कोण्डानार चैम्पस अभियान के संबंध में बताते हुए उन्होने कहा कि अब वक्त है कि युवा शासन प्रशासन की आलोचनाओं से उपर उठ कर जिले एवं समाज के प्रति अपने जिम्मेदारियों को समझाते हुए गांवों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में आगे आकर सहयोग करें।

इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हे एक मंच प्रदान किया जा रहा है। जिसमें वे जिला प्रशासन से जुड़कर किसी भी समस्या के निदान में अपना सहयोंग दे सके।

यूनिसेफ सी4डी प्रमुख ने कहा कि मया मंडई एक अभिनव प्रयास है जिसमें सामुदायिक सहयोग से सुपोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष बल देते हुए कुपोषण के विरूद्ध कार्य किया जायेगा।

यूनीसेफ के छत्तीसगढ प्रमुख श्री जकारियां ने कहा कि हमारे राज्य के युवाओं के पास बहुत सी अप्रयुक्त युवा जोश एवं उत्साह है जिसे युवोदय कोण्डानार चैम्पस के द्वारा सही रास्ता दिखाकर जिले एवं राज्य की उन्नति हेतु प्रयोग किया जा सकता है एवं मया मंडई द्वारा इन्हे स्वस्थ बचपन प्रदान कर स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जायेगा।

ज्ञात हो कि मया मंडई अभियान जिले मे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में अगस्त माह से कुछ गांवो में संचालित किया जा रहा था।  

जिसकी सफलता के बाद इसे जिले भर में लागू किया गया है। इस अवसर पर आरएचओ रूकमणी उपाध्याय, आरएमए संतोषी मानीकपुरी, सुपरवाइजर रूकमणी साहू द्वारा मया मंडई के कार्यक्रम से संबंधित अपने अनुभवों के संबंध में भी सभी को जानकारी दी गई।