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छुरिया ब्लॉक वनांचल क्षेत्र के किसान बीमा से वंचित : जगजीत सिंह भाटिया

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राजनांदगांव। पूर्व प्रदेश मंत्री (भाजयुमो) जगजीत सिंह भाटिया ने आरोप लगाया है कि राज्य शासन की लापरवाही के कारण वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का विवरण भुईयां ऐप में अपडेट नहीं किया था। इस वजह से छग के समस्त पट्टाधारी किसान फसल बीमा के लाभ से वंचित हो गए हैै। प्रधानमंत्री फसल बीमा हेतु छग राज्य सरकार के भुईया ऐप को फसल बीमा कंपनी के पोर्टल के साथ जोड़ा गया है, इस भुईया ऐप में छग के समस्त किसानों के भूमि का विवरण दर्ज होता है एवं इस ऐप में सभी प्रकार के किसानों की भूमि से संबंधित विवरण को अपडेट/अपलोड करने की पूर्णतः जिम्मेदारी छग राज्य शासन की है, फिर समय रहते हुए भी वन पट्टाधारी किसानों के भूमि का विवरण अपडेट क्यों नहीं किया गया।
राजनांदगांव जिले में राज्य शासन के अंतर्गत आने वाले बीमाकर्ता एजेंसी राजनांदगांव जिला सहकारी बैंक की स्थानीय सहकारी बैंक शाखाओं एवं सहकारी समिति के माध्यम से वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा हेतु किसानों का अंश (प्रीमियम) राशि ली गई है। प्रीमियम राशि लेते वक्त भी जिला सहकारी बैंक राजनांदगांव को मालूम था कि वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का विवरण भुईया ऐप में अपडेट नहीं है, इस बारे में स्थानीय बैंक शाखाओं एवं सहकारी समितियों के प्रबंधकों द्वारा किसानों को यह मौखिक जानकारी दी गई कि कुछ दिनों के बाद भुईयां ऐप में आपका विवरण अपडेट हो जाएगा। किसानों द्वारा उपरोक्त प्रीमियम की रसीद मांगे जाने पर बैंक द्वारा प्रीमियम की राशि एग्रीकल्चर इंश्योंरेस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को हस्तांरित करने की जानकारी दी जाती है और पॉलिसी हेतु बीमा कंपनी से संपर्क करने को कहा जाता है, जबकि बीमा कंपनी के रायपुर कार्यालय से संपर्क करने पर बीमा कंपनी द्वारा यह जवाब दिया जाता है कि आपका बीमा नहीं हुआ है।
वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का विवरण भुईयां ऐप में अपडेट नहीं होने के कारण वे बीमा के लाभ से वंचित हो गए, जबकि सहकारी समिति, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, कृषि विभाग, राज्य शासन एवं बीमा कंपनी सभी को इस स्थिति के बारे में मालूम था फिर भी उन पट्टाधारी किसानों के बारे में समय रहते नहीं सोचा गया और हद तो तब हो गई जब प्रीमियम राशि ले लेने के बाद भी उपरोक्त राशि के बारे में यह जानकारी नहीं दी जा रही है कि उपरोक्त राशि है किसके पास। यह अभी भी रहस्य है कि प्रीमियम राशि बीमा कंपनी के पास है या जिला सहकारी बैंक के पास?
वन अधिकार पट्टाधारी किसान के लिए फसल बीमा जीवन रक्षक योजना है, क्योंकि वन पट्टा वनांचल में निवासरत अत्यंत गरीब एवं भूमिहीन लोगों को मिला है, जो कि कड़ी मेहनत कर भूमि को उपजाउ खेत बनाये है। उपरोक्त वनभूमि पट्टाधारियों के पास स्थायी çंसंचाई का साधन भी नहीं है, वे पूर्णतः बारिश पर निर्भर है। अतः किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए। उन्हें क्षतिपूर्ति राशि सहित बीमा की राशि प्रदाय की जाए।