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अप्रैल से जून की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था दर 7.8 फीसदी रही

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नई दिल्ली । अर्थव्यवस्था के लिये अगस्त का महीना भारत के लिये बेहद शानदार रहा है। अगस्त में पिछले महीने में जीडीपी से जीएसटी, कार बिक्री से बैंक क्रेडिट, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई से यूपीआई ट्रांजेक्शन, बिजली खपत से एविएशन फ्यूल और कोयला उत्पादन से रेलवे माल ढुलाई तक में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा महंगाई के मोर्चे पर भी सरकार को थोड़ी राहत मिली है। जुलाई में टमाटर और हरी सब्जियां महंगी थीं। टमाटर 250 रुपये प्रति किलो से ऊपर था।
एनएसओ ने गरूवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 के पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी किये। आंकड़े के अनुसार अप्रैल से जून के बीच भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी है। एनएसओ ने बताया कि कृषि और सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन से देश की जीडीपी चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी रही है। यह पिछली 4 तिमाहियों में सबसे अधिक है। इसके साथ ही भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से वृद्धि करने वाला देश बना हुआ है। चीन की जीडीपी वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में 6.3 फीसदी रही। अगस्त में जीएसटी कलेक्शन 1.59 लाख करोड़ के पार रहा है। आंकड़ों के अनुसार अगस्त में जीएसटी कलेक्शन में सालाना आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और आंकड़ा 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।
अगस्त में भारत में विनिर्माण गतिविधियों ने गति पकड़ी है। अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स का आंकड़ा 58.6 पर रहा है। जुलाई में मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई का आंकड़ा 57.7 पर रहा था। ये पिछले 3 महीने का उच्चतम है। जून में मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई का आंकड़ा 57.8 पर रहा था, मई में भी मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई डेटा अच्छी तेजी के साथ 57.8 पर रहा था। अगस्त में यूपीआई ट्रांजेक्शन में अगस्‍त में कुल 10.58 अरब यूपीआई लेन-देन हुआ। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने यह जानकारी दी। यूपीआई का इस्तेमाल मोबाइल फोन से पैसे के तत्काल लेनदेन के लिए किया जाता है। एक अनुमान के अनुसार भारत में अब 57 फीसदी ट्रांजेक्शन यूपीआई से किया जाता है। अगस्त के महीने में यूपीआई ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 10.58 अरब हो गया है। इस दौरान करीब 15,18,456.4 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है।
इनके अलावा ऑटोमोबाइल्स सेल्स, रेलवे माल ढुलाई, कोयला उत्पादन, बिजली खपत, बैंक क्रेडिट और एविएशन टरबाइन फ्यूल में भी बढ़ी है। अगस्त में 3,60,897 कारों की बिक्री हुई है। बिजली खपत 152 बिलियन यूनिट्स के पार हो गई है। कोयला उत्पादन 67.65 मीट्रिक टन रहा, रेल से माल ढुलाई 126.9 मीट्रिक टन हुई। बैंक क्रेडिट में 19.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। एविएशन टरबाइन फ्यूल की बिक्री में भी 9.5 फीसदी तक वृद्धि हुई है। कहा जा सकता है कि सरकार के लिए अगस्त का महीना राहत भरा रहा है।
पहली तिमाही के आंकड़ों के बाद कई रेटिंग एजेंसियों ने भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ा दिया है। नोमुरा ने 2023-24 के ग्रोथ अनुमान को पहले के 5.5 फीसदी से बढ़ाकर 5.9 फीसदी कर दिया है। डॉयचे बैंक ने भी भारत के लिए पूरे साल के ग्रोथ अनुमान को 20 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 6.2 फीसदी कर दिया है जबकि मॉर्गन स्टेनली ने भी जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। मूडीज ने भी देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है।