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मोहन कैबिनेट में भोपाल की नरेला सीट से लगातार चौथी बार जीते विश्वास सारंग को भी शामिल किया जा सकता है

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भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि मोहन कैबिनेट में भोपाल की नरेला सीट से लगातार चौथी बार जीते विश्वास कैलाश सारंग को भी शामिल किया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरह विश्वास सारंग ने भी जनता के बीच खास पहचान बनाई है। नरेला क्षेत्र की जनता उन्हें प्यार से ‘भैया’ कहकर पुकारती है। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में लगातार विकास के कार्य तो किए ही हैं, इसके अलावा वह सामाजिक या धार्मिक आयोजनों में सम्मिलत रहते हुए लोगों के सतत संपर्क बनाए रहते हैं।

जनता से बनाया आत्मीय रिश्ता

विश्वास सारंग जब पहली बार वर्ष-2008 में नरेला विधासनभा क्षेत्र से जीते, तब से ही उन्होंने क्षेत्रवासियों के बीच गहरी पैठ बनाना शुरू कर दिया। विकास कार्यों के साथ ही घर-घर जाकर बुजुर्गों के बीच बेटा और युवाओं के बीच भैया की पहचान बनाई। वो हर रक्षाबंधन पर बहनों से राखियां बंधवाते हैं। बुजुर्गों को धार्मिक यात्राएं कराते हैं। माता-पिता की याद में क्षेत्र भर में स्वास्थ्य, नेत्र, रक्तदान शिविर लगवाते हैं। चुनाव से पहले करोंद क्षेत्र में प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा व श्री बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा कराई थीं। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

ऐसा रहा है राजनीतिक सफर

विश्वास सारंग ने छात्र जीवन से राजनीति में कदम रखा। उन्होंने गोंदिया जिले के एमआइईटी महाविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में बीई डिग्री हासिल की है। भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शुमार रहे कैलाश सारंग का पुत्र होने के नाते बचपन से ही उन्होंने राजनीति को करीब से देखा। उन्होंने छात्र जीवन में रहते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की। वह 1993 से 1995 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे। 1998 से 2001 तक भारतीय जनता युवा मोर्च में भोपाल महानगर के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। 1999 से 2004 तक भोपाल नगर निगम वार्ड 14 से पार्षद। 2002 से 2004 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे हैं। 2004 से 2007 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री रहे । 2007 से 2010 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। 2008 से 2014 तक वनोपज संघ के अध्यक्ष रहे हैं।

नरेला क्षेत्र में अजेय पारी

वर्ष-2008 में परिसीमिन के बाद भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। तबसे ही इस सीट से विश्वास सारंग लगातार जीतते आ रहे हैं। भाजपा ने पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय कैलाश सारंग के बेटे विश्वास सारंग को टिकट दिया। उन्होंने कांग्रेस के सुनील सूद को हराया। पहली बार विधायक बने। फिर वर्ष-2013 विधानसभा चुनाव हुआ। भाजपा ने फिर से विधायक सारंग को चुनावी रण में उतारा। वहीं कांग्रेस ने भी फिर सूद पर भरोसा जताया। दूसरी बार विधायक सारंग फिर से चुनाव जीते। इस जीत के बाद वह पहली बार प्रदेश में मंत्री बने। वर्ष-2018 विधानसभा चुनाव में सारंग ने कांग्रेस के महेंद्र सिंह चौहान को हराया। तीसरी बार जीतने पर उन्हें चिकित्सा शिक्षा मंत्री बनाया गया। अब 2023 विधानसभा चुनाव में विश्वास सारंग ने चौथी बार नरेला विधानसभा से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के मनोज शुक्ला को हराया है। ऐसे में पार्टी ने मंथन के बाद फिर से मंत्री पद दिया है। उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले सारंग मप्र लघु वनोपज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

तीसरी बार बनेंगे मंत्री

विश्वास सारंग वर्ष 2013 से 2018 के दौरान शिवराज कैबिनेट में भोपाल गैस त्रासदी राहत, पुनर्वास एवं ग्रामीण विकास मंत्री रहे। इसके बाद शिवराज ने उन्हें अपनी पिछली कैबिनेट में भी शामिल किया। शिवराज की पिछली सरकार में विश्वास सारंग चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहे हैं।