Home देश विदेशों में भी भारत का मान बढ़ाने वालों का होता है सम्मान,...

विदेशों में भी भारत का मान बढ़ाने वालों का होता है सम्मान, 9 जनवरी को ही क्यों होता है सेलिब्रेट; जानें सबकुछ

96
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024

हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। दरअसल, विदेशों में भारत का मान बढ़ाने वाले तमाम लोगों का सम्मान करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। उनकी उपलब्धियों को इस दिन सम्मान दिया जाता है और उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। यह दिवस महात्मा गांधी से भी जुड़ा हुआ है।

इस खबर में हम आपको बताएंगे कि इस दिवस का महात्मा गांधी से क्या संबंध है। साथ ही, इसका इतिहास और महत्व भी बताएंगे।

कब हुई प्रवासी दिवस की शुरुआत?

प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के घोषणा के साथ हुई थी। भारत का मान बढ़ाने वाले भारतवंशियों को सम्मानित करने के लिए इस दिवस की शुरुआत की गई थी। पहली बार ये दिन 9 जनवरी, 2003 को सेलिब्रेट किया गया था।

दरअसल, 9 जनवरी की तारीख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि इसी दिन 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। देश वापसी करने के बाद उन्होंने भारत को आजाद कराने की जिम्मा उठाया और स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया। उनके प्रयास से भारतीयों का जीवन और भविष्य दोनों ही बदल गया था।

प्रवासी दिवस मनाने का उद्देश्य

इस दिन विदेशों में खास उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीयों को सम्मानित किया जाता है। इस कार्यक्रम के जरिए भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच एक पुल बनाने की कोशिश की जाती है। साथ ही, इसके जरिए विदेश निवेश को भी देश में बढ़ावा दिया जा सकता है।

साल 2015 में किया गया संशोधन

इसको साल 2003 में पहली बार मनाया गया था, इसके बाद इसे लगातार हर साल मनाया जाने लगा। हालांकि, साल 2015 में इसमें संशोधन किया गया और उसके बाद से हर साल के अंतराल के बाद भारतीय प्रवासी दिवस मनाया जाने लगा। इसको मनाने के लिए हर बार एक नया और खास थीम चुना जाता है। इस थीम के अनुसार ही भारत सरकार की ओर से सम्‍मेलन का आयोजन किया जाता है।