Home देश ठंडा पड़ा किसान आंदोलन, अब 29 तक नहीं करेंगे दिल्ली कूच

ठंडा पड़ा किसान आंदोलन, अब 29 तक नहीं करेंगे दिल्ली कूच

72
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

चंडीगढ़ । धीरे-धीरे अब ‎किसान आंदोलन ठंडा पड़ गया है। ‎किसान नेताओं ने इसे 29 फरवरी तक टाल ‎दिया है। उधर हरियाणा सीमा पर भी पंजाब के किसानों का आंदोलन कमजोर पड़ने लगा है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान कैंडल मार्च के दौरान शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन की धार कमजोर पड़ने लगी है। एक ओर शंभू मोर्चा पर किसानों की संख्या कम हो रही है, दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली कूच का कार्यक्रम फिलहाल 29 फरवरी तक टाल दिया है। किसान अब सीधे टकराव से बचना चाह रहे हैं। वहीं किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा है कि अगर नौजवान ही नहीं रहेंगे तो जमीनों का क्या करेंगे। हालांकि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सभी किसान संगठन सरकार के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखेंगे। किसान नेताओं का यह भी कहना है कि किसानों की संख्या कम नहीं हो रही बल्कि वह खनौरी बॉर्डर की ओर बढ़ गए हैं। खनौरी बॉर्डर पर शुभकरण व अन्य किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए शनिवार 24 फरवरी को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
जानकारी के अनुसार किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवण सिंह पंधेर ने शुक्रवार शाम को मीडिया को बताया कि 25 फरवरी को दोनों बॉर्डर पर युवा और तमाम किसान संगठनों के लिए सेमिनार होगा, जिसमें किसानी और खेतीबाड़ी से जुड़े बुद्धिजीवियों को बुलाया जाएगा।
26 फरवरी को ट्रैक्टर मार्च के बाद दोपहर बाद शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पीएम मोदी और हरियाणा के सीएम के अलावा कॉरपोरेट घरानों के करीब 20 फुट ऊंचे पुतले जलाए जाएंगे। इसी तरह 27 को संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा आपसी चर्चा करेंगे। 28 को दोनों एक मंच पर आकर अपनी मांगों पर चर्चा करेंगे, जब‎कि 29 फरवरी को दिल्ली कूच को लेकर फैसला ‎किया जाएगा।