Home छत्तीसगढ़ अग्निवीर भर्ती दबाव रहित, निःशर्त एवं निःशुल्क हो : रूपेश दुबे

अग्निवीर भर्ती दबाव रहित, निःशर्त एवं निःशुल्क हो : रूपेश दुबे

104
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024

राजनांदगांव। छग प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने केंद्र और राज्य की भ डबल इंजन भाजपा सरकार को देश सेवा के जज्बेधारी युवाओं को अग्निपथ योजनार्तगत अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शर्त लागू करने के कारण युवा निरुत्साहित होकर देश सेवा में पीछे करने की बात कहते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में युवाओं के वोटो को पाने भाजपाई टारगेट को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अपने प्रशासनिक अमलों पर दबाव रूपी तुगलकी फरमान जारी किया है, जिससे शासकीय सेवकों में भय का वातावरण निर्मित है, क्योंकि टारगेट के अलावा अग्नि वीरों के लिए परीक्षा शुल्क 295 रुपए भी शासकीय सेवकों के द्वारा दिया जाना है, जिससे इस योजना के प्रति जहां शासकीय सेवक भी निरुत्साहित हो रहे हैं, वहीं परीक्षा शुल्क के कारण नवयुवक-नवयुतियां अग्निवीर देश सेवा की जज्बे से दूर हो रहे हैं, ऐसी स्थिति में अग्निवीर की आवेदन शुल्क माफ कर छत्तीसगढ़ सरकार को अपनी वाहवाही लूटने के बजाय देश सेवा के जज्बे का सम्मान करना चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता रूपेश दुबे ने बताया कि महतारी वंदन की तर्ज पर केंद्र सरकार देश सेवा के जज्बे के नाम पर लोकसभा चुनाव जीतने की खेल खेल रही है और इसके लिए प्रशासनिक अमलों को काम में लगाकर अपना राजनीतिक रोटी सेंकने जिला पंचायत के माध्यम से अग्नि वीरभर्ती का खेल चालू कर दिया है और शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को इस योजना में अधिक से अधिक भर्ती कराने के लिए दबाव पूर्ण टारगेट दे दिया गया है, जिससे विभाग के लोग परीक्षा के समय मानसिक रूप से परेशान है, जिसका असर परीक्षा एवं अध्ययनरत बच्चों पर पढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री अपने फोटो युक्त पाम्पलेट छपा कर वाहवाही लूटने का काम कर रहे हैं, यदि उनमें देश सेवा के प्रति थोड़ा भी सम्मान हो तो नैतिकता के नाते अग्निवीर में लगने वाले परीक्षा शुल्क 295 रुपए को माफ कर युवाओं को आर्थिक राहत दे, ताकि वे लगनशीलता और उत्साह के साथ देश सेवा के लिए तत्पर हो सके। मात्र राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए भाजपा किसानों को, महिलाओं को, युवाओं पर मोदी की गारंटी के नाम पर अन्याय करती है, वह स्वस्थ लोकतंत्र के साथ-साथ देश हित में भी उचित नहीं है।