Home अन्य विष्णुदेव साय की सरकार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को समर्पित सरकारःश्री ओपी चौधरी

विष्णुदेव साय की सरकार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को समर्पित सरकारःश्री ओपी चौधरी

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रायपुर :  छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया विनियोग विधेयक 2024-25 आज विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। इस मौके पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते कहा कि किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार जीएसडीपी से निर्धारित होता है और इस वित्तीय वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 6.56 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024.25 के लिए विनियोग का आकार 01 लाख 60 हजार 568 करोड़ रूपए का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुर्नप्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 01 लाख 47 हजार 446 करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 01 लाख 24 हजार 840 करोड़ एवं पूंजीगत व्यय 22 हजार 300 करोड़ है।

राज्य के स्वयं के करों का राजस्व वर्ष 2023-24 में 38 हजार करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 में बढ़कर 49 हजार 700 करोड़ अनुमानित (31 प्रतिशत वृद्धि) राज्य के स्वयं का करेत्तर राजस्व वर्ष 2023-24 में 18 हजार 200 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 18 हजार 700 करोड़ अनुमानित (3 प्रतिशत वृद्धि) इस प्रकार राज्य का स्वयं का कुल राजस्व वर्ष 2023-24 में 56 हजार 200 करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 में बढ़कर 68 हजार 400 करोड़ अनुमानित (22 प्रतिशत वृद्धि) केन्द्रीय प्राप्तियां वर्ष 2023-24 में रु. 49 हजार 800 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 57 हजार 500 करोड़ अनुमानित (15 प्रतिशत वृद्धि) इस प्रकार गत वर्ष की तुलना मे केन्द्रीय प्राप्तियां 15 प्रतिशत एवं राज्य की स्वयं की राजस्व प्राप्तियां 22 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान है।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2023-24 में कुल व्यय रूपये 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 हेतु 21 प्रतिशत वृद्धि के साथ 01 लाख 47 हजार 446 करोड़ अनुमानित है। वर्ष 2023-24 में पूंजीगत व्यय रुपये 18 हजार 660 करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 हेतु 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ 22 हजार 300 करोड़ अनुमानित है तथा वर्ष 2024-25 में राजस्व आधिक्य 1 हजार 66 करोड़ रूपए अनुमानित है। इसमें चिरमिरी रेल लाइन के लिए 120 करोड़ रूपए, बिलासपुर सिम्स के लिए 700 करोड रूपए तथा रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 776 करोड रुपए का प्रावधान शामिल है।