Home छत्तीसगढ़ संदेशखाली को लेकर प्रदर्शन, भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका ममता बनर्जी का...

संदेशखाली को लेकर प्रदर्शन, भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका ममता बनर्जी का पुतला

143
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024

राजनांदगांव। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के शोषण और टीएमसी नेता की गुंडागर्दी के मामलों को लेकर आज जिला भाजपा महिला मोर्चा ने जिला मुख्यालय मोहला में विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका। जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती कमलेश सारस्वत ने कहा कि-तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में जो तानाशाही स्थापित की है वो गरीबों को कुचल रही है। पश्चिम बंगाल में आज भी महिलाओं को नोचा जा रहा है। वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल में बंगाल में हिंसा, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर नियंत्रण खो दिया है, वहां अपराधवाद चल रहा है।
शुक्रवार को प्रदेश भाजपा व प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा के निर्देश पर जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती कमलेश सारस्वत के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला भाजपा व युवा मोर्चा के पदाधिकारी भी मौजूद थे। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की सच्चाई बाहर आने के बाद पूरा देश इस विषय पर चिंता व्यक्त कर रहा है। सत्तादल टीएमसी के एक अपराधिक छवि वाले व्यक्ति ने यहां अपने अपराध का साम्राज्य खड़ा कर रखा था। वह रोजाना महिलाओं के साथ दुष्कृत्य करता था, उसके गुर्गे अबलाओं को घर से उठा ले जाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संरक्षण में वह आसानी से यह सब करता रहा।
मोहला में प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उन्हें संदेशखाली का असल दोषी बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि-उन्हें तत्काल अपना पद त्यागकर राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए। संदेशखाली के दोषियों को बचाकर उन्होंने बहुत बड़ा अपराध किया है। मोहला के बस स्टैंड में आयोजित इस कार्यक्रम में महामंत्री दिलीप वर्मा, मंडल उपाध्यक्ष रमेश हिडामे, महामंत्री नम्रता सिंह, पिछड़ा वर्ग जिला जनपद सदस्य अरुण यादव, अध्यक्ष गुलाब गोस्वामी, रतन तारम, धरमु भुआर्य, चुरेन्द, महिला मोर्चा महामंत्री श्रीमती संगीत मिश्रा, सुश्री सत्यभामा सलामे, मंडल अध्यक्ष इंद्रा मंडावी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष देव प्रसाद, मोनू वर्मा, संदीप साहू, राजू गुजराती, शांता बाई, राधिका, बसंती, रमुला, बसंता, सुरखा, इंदु मंडावी, बिसंतन बाई, शिव प्रकाश शर्मा, सुदर्शन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।