Home देश भारी बारिश के कारण मणिपुर में तबाही का मंजर; तीन की मौत,...

भारी बारिश के कारण मणिपुर में तबाही का मंजर; तीन की मौत, कई इलाके जलमग्न

92
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

Heavy Rain In Manipu : पश्चिमी इंफाल जिले के 86 इलाकों में बाढ़ की सूचना मिली। इन इलाकों में खुमान लैंपक, नगरम, सागोलबंद, उरीपोक, कीसमथोंग और पाओना क्षेत्र शामिल हैं। लगातार बारिश के कारण इंफाल नदीं का तट पूर्वी इंफाल जिले के केइरंग, खाबम और लैरीयेंगबाम लीकाई इलाकों के पास टूट गया। चक्रवात रेमल ने पूर्वोत्तर में तबाही मचा दी। पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्य भारी बारिश के कारण काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश के कारण इन राज्यों के कुछ इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। नदियों का पानी बढ़ने से सड़कें बह गईं, जिससे सामान्य जनजीवन काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा है। मणिपुर के इंफाल घाटी में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई। इसमें तीन की मौत, जबकि हजारों लापता हो गए।

भारी बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न

मणिपुर के सेनापति जिले में भूस्खलन के कारण एक 34 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में अन्य तीन घायल भी हुए। सेनापति नदी में उफान के कारण एक 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला डूब गई। इंफाल में बुधवार को एक 74 वर्षीय व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। इंफाल नदी के उफान पर होने के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए। नदी का पानी स्थानीय लोगों के घरों में घुस गया। पश्चिमी इंफाल जिले के 86 इलाकों में बाढ़ की सूचना मिली। इन इलाकों में खुमान लैंपक, नगरम, सागोलबंद, उरीपोक, कीसमथोंग और पाओना क्षेत्र शामिल हैं। लगातार बारिश के कारण इंफाल नदीं का तट पूर्वी इंफाल जिले के केइरंग, खाबम और लैरीयेंगबाम लीकाई इलाकों के पास टूट गया, जिसके कारण इन इलाकों में पानी घुस गया। एक अधिकारी ने कहा, पूर्वी इंफाल जिले के हिंगांग और खुरई क्षेत्र के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी छाती के स्तर पर पहुंच गया है।

बुधवार को एनडीआरएफ की टीम पहुंची

बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की एक टीम वायुसेना की विशेष उड़ान से बुधवार की रात 10 बजे इंफाल पहुंची। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा, कई इलाकों में नदीं का किनारा टूटने से कई लोग प्रभावित हुए। लोगों को बचाने के लिए राज्य सरकार के अधिकारी, सुरक्षाकर्मी, एनडीआरएफ की टीम लगातार काम कर रहे हैं। इंफाल और सिलचर को जोड़ने वाले एनएच 37 पर इरंग बेली ब्रिज मंगलवार शाम को भारी बारिश के बाद ढह गई, जिसके कारण सड़क संचार बाधित हो गया।

मिजोरम में मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हुई

मिजोरम में भारी बारिश के बाद भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई। आइजोल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल अलवाल ने बताया कि मलबे से गैर स्थानीय निवासियों का शव बरामद किया गया। अबतक 28 शवों को निकाला जा चुका है। एक छह महीने के बच्चे समेत छह लोग अभी भी लापता है। अधिकारी ने बताया कि दक्षिणी आइजोल के बाहरी इलाके में एक खदान ढहने से 15 शवों को बाहर निकाला गया। फाल्कन गांव में दो लोगों की मौत हो गई। आइजोल जिले के लुंगसेई और केल्सिह से एक-एक शव बरामद किए गए। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपदा से हुए नुकसान की भरपाई एवं राहत कार्यों के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को मदद देने का भी भरोसा दिया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार को चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।