Home छत्तीसगढ़ रथयात्रा के दौरान अलग-अलग रंग के वस्त्र धारण करते हैं जगन्नाथ महाप्रभु

रथयात्रा के दौरान अलग-अलग रंग के वस्त्र धारण करते हैं जगन्नाथ महाप्रभु

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हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन से ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को तीन विशाल रथों में विराजित होकर नगर भ्रमण करते हुए अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। यहां वे नौ दिनों तक विश्राम करते हैं। इस साल 7 जुलाई यानी आज से रथयात्रा शुरू हो रही है। धूमधाम से यह यात्रा निकाली जाएगी। रथ यात्रा से पहले तीनों देवों के रथों से लेकर उनके वस्त्र तक हर चीज को विशेष रूप से तैयार किया जाता है।ओडिशा के खुर्दा जिले के राउतपाड़ा गांव में भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र के वस्त्रों का निर्माण किया जाता है। यहां एक बुनकरों का समूह इन वस्त्रों को विशेष रूप से तैयार करता है। ये बुनकर पिछले तीन दशकों से भगवान जगन्नाथ के लिए वस्त्र तैयार करते आ रहे हैं। इन वस्त्रों से वे हर साल तीनों देवों को रथ यात्रा के लिए सजाते हैं। इस साल भी गोविंद चंद्र दास के परिवार की अगुवाई में बुनकरों के समूह ने इन वस्त्रों को तैयार किया है।