Home छत्तीसगढ़ चिरायु योजना से संवर रहा है जीवन

चिरायु योजना से संवर रहा है जीवन

73
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

रायपुर

जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण कर रही चिरायु टीम लगातार बच्चों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। इसी कड़ी में कसडोल की चिरायु टीम के सहयोग से ग्राम अमरूवा की 7 वर्षीय बच्ची लक्ष्मी जिसका जन्म से एक पैर नहीं था उसे नारायण सेवा संस्थान उदयपुर द्वारा कृत्रिम पैर लगवाया गया। बच्ची के पिता कृषक श्री हरिचन्द बरिहा बताते हैं कि लक्ष्मी का जन्म से ही बायाँ पैर नहीं है। बच्ची का जीवन इस कारण काफी कष्टपूर्ण रहा। उसे रोज़मर्रा के कामों में दिक्कक्त होती थी। गांव के ही स्कूल में वह पढ़ती है।

आम बच्चों की तरह वह खेल-कूद भी नहीं पाती। स्कूल में ही आई चिरायु टीम जिसमें डॉ अभिषेक यदु,डॉ सविता धृतलहरे, अजेंद्र ,सपना और पद्मिनी ने इस बच्ची का परीक्षण किया तथा परिवार से कृत्रिम पैर लगवाने की बात कही। कसडोल बीएमओ डॉ रवि शंकर अजगल्ले के अनुसार उक्त चिरायु टीम लगातार तीन माह तक नारायण सेवा संस्थान उदयपुर से संपर्क में रही । गत 30 जून को रायपुर में आयोजित नारायण सेवा संस्थान के शिविर में बच्ची लक्ष्मी को कृत्रिम पैर लगाया गया जो निःशुल्क रहा। अपनी बच्ची की स्थिति में सुधार से परिजनों में प्रसन्नता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एम पी महिस्वर तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा के अनुसार चिरायु टीम द्वारा सतत रूप से स्कूल तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार किया जा रहा है। इस प्रकार के किसी केस में टीम के सहयोग से बच्चों का उच्च स्थान में रेफर कर इलाज भी होता है इसके लिए किसी प्रकार का कोई धन खर्च नहीं करना पड़ता। चिरायु द्वारा कटे-फटे होंठ, जन्म जात मोतियाबिंद, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर, श्रवण बाधा सहित 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति पर कार्य किया जाता है, जिसका उपचार निःशुल्क होता है। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने चिरायु टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए ऐसे केसों पर तत्काल उपचार और सहायता शुरू करने के निर्देश सभी संबंधितों को दिए हैं।