Home छत्तीसगढ़ नवाचार, तकनीकीकरण, विकेन्द्रीकरण, जनभागीदारी और नागरिक सेवाओं में गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों...

नवाचार, तकनीकीकरण, विकेन्द्रीकरण, जनभागीदारी और नागरिक सेवाओं में गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों को दस्तावेज में शामिल कराने हुआ मंथन

88
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

रायपुर

छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 को लेकर राज्य नीति आयोग में बैठकों और विचार-विमर्श का सिलसिला लगातार जारी है। नवा रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में सुशासन और पारदर्शिता को लेकर हुई बैठक में सुशासन विषय पर गठित वर्किंग समूह के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सुशासन पर गठित वर्किंग समूह की द्वितीय बैठक में रोजगार, जनभागीदारी, पारदर्शिता, नवाचार, तकनीकीकरण, स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने विकेन्द्रीकरण, नागरिक सेवाओं में गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव,सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के सीईओ श्री रितेश अग्रवाल मौजूद थे।

बैठक में समानता और समावेशन, एकीकृत सेवाएं, जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाने,सही नौकरी के लिए सही व्यक्ति का चयन ,प्रभावी और व्यापक प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से क्षमता निर्माण, दक्षता और निरंतर सुधार को ट्रैक करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने, गवर्नमेंट प्रोसेस री इंजीनियरिंग,  नवाचार को बढ़ावा देने ,उभरते प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसी तरह डाटा संचालित निर्णय लेने, जन सेवा पोर्टल, सुगम व्यापार पोर्टल, एक परिवार-एक पहचान कर्ता, लोक सेवा गारंटी को सेवा वितरण से जोड़ना, सभी नागरिक सेवाओं के लिए गुणवत्ता सुधार रेटिंग के आधार पर नागरिक प्रतिक्रिया का प्रकाशन, पेपरलेस शासन, रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से डिजिटल और डाटा बैकबोन का निर्माण, सभी विभागों में डाटा रिकॉर्ड रूम की स्थापना, सभी ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा जन भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा कर उन महत्वपूर्ण बातों को दस्तावेज में शामिल कराने मंथन किया है।

सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव ने गुड गवर्नेंस, स्थानीय सरकारों को सशक्त बनाने, जन सेवा पोर्टल और  सहभागी शासन के बारे में अपना महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नीति आयोग के सदस्य श्री डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा की आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने वाली सभी विषयों को दस्तावेज में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्मिकों के प्रशिक्षण और नवाचार पर अपने विचार रखे। उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने 24 X 7 सभी के लिए प्रभावशाली सरकार, निरंतर विकास, स्मार्ट गवर्नेंस, एकीकृत सेवाएं, प्रभावी और व्यापक प्रशिक्षण तंत्र के माध्यम से क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

नीति आयोग में आयोजित बैठक में सुशासन के लिए निर्धारित प्रमुख लक्ष्यों, प्रमुख चुनौतियों तथा विभागीय विजन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर बैठक में जिलों के कलेक्टर और एन.जी.ओ. के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से शामिल हुए। नीति आयोग के संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिप्स के अधिकारी तथा राज्य नीति आयोग के सलाहकार संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।