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पानी की बहुलता एवं बांध वाले क्षेत्रों में मत्स्य टूरिज्म को दिया जाएगा बढ़ावा: मंत्री श्री रामविचार नेताम

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रायपुर

किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पानी की बहुलता एवं बांध वाले क्षेत्रों में मत्स्य टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे मत्स्य कृषकों के आय भी बढ़ेगी और निरंतर रोजी-रोजगार की व्यवस्था भी होगी। उन्होंने कहा कि मत्स्य किसानों को कलस्टरों और समितियों से जोड़कर समृद्ध बनाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को भी आगे आना चाहिए। कृषि मंत्री श्री नेताम आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में स्थित कृषि मंड्डपम में विश्व मात्स्यिकी दिवस पर छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड द्वारा आयोजित एक दिवसीय मत्स्य कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मत्स्य किसानों के निरंतर उन्नति और विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री मत्स्य किसान संपदा योजना शुरू की। पृथक से मत्स्य मंत्रालय का गठन किया है। निश्चित ही इससे छोटे-छोटे मत्स्य किसान को रोजगार मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत से किसानों के पास डबरी व गांव में तालाब होते है। जिसके माध्यम से मत्स्य पालन कर रोजी-रोजगार करते है। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य किसानों के लिए संचालित योजना में 60 प्रतिशत अनुदान का भी प्रावधान किया है। मत्स्य कृषकों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धमतरी, दुर्ग, रायपुर जैसे पानी की बहुलता वाले क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए। संगोष्ठी कार्यक्रम को मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गिरीश चंदेल, श्री नेहरू निषाद, मत्स्य कृषक बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती हेमलता निषाद, श्री रामकृष्ण धीवर, श्री नेतराम निषाद, श्री कृष्णा हिरवानी, श्री आनंद निषाद, श्री बसंत सहित सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मत्स्य कृषक उपस्थित थे।