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ब्रिटेन की संसद में भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर चर्चा, तनाव कम करने की अपील

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पहलगाम आतंकी हमले और इसके जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई भारत की कार्रवाई के मद्देनजर दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ब्रिटेन की संसद में लंबी चर्चा हुई।

चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सदस्यों ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए ब्रिटेन की ओर से मदद की जरूरत बताई। भारत ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में मंगलवार देर रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री हैमिश फाल्कनर ने बुधवार को निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में एक बयान के साथ चर्चा की शुरुआत की और कूटनीति एवं संवाद के महत्व पर प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर की पिछली टिप्पणियों को दोहराया गया। उन्होंने देश में बड़ी संख्या में ब्रिटिश भारतीयों और ब्रिटिश पाकिस्तानियों के लिए संघर्ष के बहुत ही ‘‘व्यक्तिगत’’ पहलू से संबंधित चिंताओं को भी व्यक्त किया।

फाल्कनर ने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान दोनों को हम लगातार यही संदेश देना चाहते हैं कि वे संयम बरतें। उन्हें एक त्वरित, कूटनीतिक मार्ग तलाशने के लिए बातचीत में शामिल होने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन का दोनों देशों के साथ घनिष्ठ और अनूठा संबंध है। नागरिकों की जान जाते देखना दिल को झकझोर देने वाला है। अगर तनाव ऐसे ही और बढ़ता है, तो किसी की भी जीत नहीं होगी। हमने पिछले महीने हुए भयावह आतंकवादी हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की।’’

ब्रिटेन की छाया विदेश मंत्री (ब्रिटेन की आधिकारिक विपक्ष की समानांतर छाया कैबिनेट) प्रीति पटेल ने भारत के खुद का बचाव करने और ‘‘आतंकवादी बुनियादी ढांचे’’ को नष्ट करने के लिए ‘‘उचित एवं सधा’’ कदम उठाने के अधिकार पर प्रकाश डाला।

ब्रिटेन की भारतीय मूल की सांसद ने कहा, ‘‘पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी भारत और पश्चिमी हितों के लिए खतरा हैं। यह वही देश है जहां ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ था। भारत में आतंकवादियों द्वारा हिंसा के लंबे इतिहास के कारण ब्रिटेन ने भारत के साथ लंबे समय से सुरक्षा सहयोग समझौतों में जगह बनाई है।’’

भारत में जन्मे और ब्रिटेन के इलफर्ड साउथ से लेबर पार्टी के सांसद जस. अठवाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि उनके माता-पिता पाकिस्तान में पैदा हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह भी अच्छी तरह से जानता हूं कि कोई भी देश अपने कदम पीछे नहीं करेगा। इसलिए मंत्री मुझे और मेरे संसदीय क्षेत्र के निवासियों को आश्वस्त करने के लिए ऐसा क्या कर सकते हैं जिससे कि दोनों ‘सुपरपॉवर’ दुनिया के इस अस्थिर हिस्से में शांति बहाल करने के वास्ते बातचीत की मेज पर आएं जिसके लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे।’’

कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान से ‘‘हमेशा हमेशा के लिए’’ आतंकवादी ठिकानों को हटाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने तब यह स्पष्ट कर दिया था कि या तो पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के साथ लगते इन आतंकवादी ठिकानों को हटा दे या फिर भारत उन्हें हटा देगा… नौ जगहों को निशाना बनाया गया; वे आतंकवादी ठिकाने थे जहां आतंकवादियों को भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था।