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डबरी निर्माण से संवरी किस्मत: बहुफसली खेती और मछली पालन से बढ़ी आय

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जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत हेटघींचा के किसान श्री धनुर्जय यादव ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत डबरी निर्माण करवा कर अपनी कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा से सुसज्जित कर लिया है। डबरी बनने के बाद न केवल उनके खेतों में हरियाली लौट आई है, बल्कि उन्होंने बहुफसली खेती और मछली पालन शुरू कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि भी दर्ज की है।

धनुर्जय यादव ने बताया कि कृषि ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन पानी की कमी के चलते वे केवल एक ही फसल पर निर्भर थे। गांव के अन्य किसानों को डबरी योजना से लाभ लेते देख उन्होंने भी डबरी निर्माण का प्रस्ताव ग्राम पंचायत में दिया। लगभग 2.97 लाख रूपय की लागत से बनी इस डबरी के निर्माण में कुल 1244 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।

डबरी निर्माण के बाद उन्होंने आलू, प्याज, मिर्च, करेला, भिंडी, बरबट्टी, गोभी जैसे कई प्रकार की सब्जियों की खेती प्रारंभ की है। अब वे न केवल घर की सब्जी की जरूरतें स्वयं पूरी कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त उत्पादन को बाजार में बेचकर अच्छी आय भी अर्जित कर रहे हैं। साथ ही वे मत्स्य पालन से भी अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं।

धनुर्जय यादव कहते हैं, “पहले मैं केवल बारिश के भरोसे खेती करता था, लेकिन अब सालभर उत्पादन संभव हो पाया है। डबरी से खेतों को सिंचाई मिलती है और इससे पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।”

डबरी निर्माण से ना सिर्फ खेती की दिशा बदली, बल्कि गांव के अन्य किसान भी इस योजना से प्रेरित होकर आगे आ रहे हैं। धनुर्जय अब अपने अनुभव से अन्य ग्रामीणों को भी मनरेगा जैसी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।