Home छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं साफ-सफाई और रंग-रोगन:...

शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं साफ-सफाई और रंग-रोगन: मंत्री श्री रामविचार नेताम

39
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

आदिम जाति मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि  आश्रम-छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए नये शिक्षण सत्र के प्रारंभ होने से पहले राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल, रंग-रोगन आदि की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने नवा रायपुर में विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आश्रम-छात्रावासों के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव कराने के निर्देश दिए।

आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने कहा है कि आदिम जाति कल्याण विभाग में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने वाले अधीक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से एक दिन आश्रम-छात्रावास में समय बिताने और विद्यार्थियों के साथ भोजन करने को भी कहा। श्री नेताम ने बैठक में कहा कि आगामी दो वर्षों में सभी आश्रम छात्रावासों के लिए भवन निर्माण किया जाना है, इसलिए भवनविहिन आश्रम-छात्रावासों का चिन्हांकन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आश्रम-छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है वहां रहने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त भवन अथवा कमरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

श्री नेताम ने राज्य में प्रयास विद्यालयों की व्यवस्था और रख-रखाव के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में छात्रों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने कहा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आगामी 15 जून से प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर 15 जून से शुरू होगी। राज्य में 16 और 17 जून को दो दिवसीय राज्य स्तरीय अभियान चलाया जाएगा, वहीं जिला स्तर पर 17 से 20 जून और विकासखण्ड स्तर पर 20 से 30 जून तक चलेगा। इस अभियान के तहत पीएम जनमन योजना से छुटे हुए जनजातीय परिवारों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पत्र जैसे दस्तावेज बनाए जाएंगे। शासकीय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मंत्री श्री नेताम ने सिकलसेल और टीव्ही मुक्त भारत अभियान के प्रति भी बच्चों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि निर्धारित मीनू के आधार पर आश्रम और छात्रावास के बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। आश्रम-छात्रावासों की दीवारों पर महापुरूषों के संदेशों का लेखन किया जाए। साथ ही बच्चों में शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने के लिए भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों की विशिष्ट पहचान बनाने पर जोर दिया। मंत्री श्री नेताम ने विभाग में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली। उन्होंने निराकरण के लिए शेष बचे आवेदनों को गंभीरता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 75 बहुउद्देशीय भवन

बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के समग्र विकास के लिए राज्य में 75 बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया जा रहा है। 31 भवनों का निर्माण लगभग पूर्णतः की ओर है। इन भवनों में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को इन भवनों के तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, उप सचिव श्री बी.एस. राजपूत, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, कार्यपालन अभियंता श्री त्रिदीप चक्रवर्ती सहित जिलों के परियोजना प्रशासक और सहायक आयुक्त उपस्थित थे।