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दिव्या रंगारी ने दिलाया भारत को स्वर्ण पदक, एशियन चौंपियनशिप मलेशिया के लिए भारतीय टीम को दिलाई क्वालीफाई

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की होनहार बालिका दिव्या रंगारी ने अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए मालदीव में आयोजित अंडर-16 एशियन बास्केटबॉल चौंपियनशिप क्वालीफायर में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम ने फिबा अंडर-16 वूमेन एशियन चैंपियनशिप 2025 के लिए सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया है, जो आगामी 14 से 20 सितम्बर 2025 तक मलेशिया में आयोजित होगी।

उल्लेखनीय है कि 12 से 15 जून 2025 तक आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने श्रीलंका, बांग्लादेश तथा मालदीव जैसी टीमों को पराजित करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में भारत ने एक बार पुनः श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम सफलता में महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।

दिव्या इससे पूर्व भी 48वीं सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चौंपियनशिप (अगस्त 2023, पांडिचेरी) में छत्तीसगढ़ की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है।

इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने दिव्या को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि, दिव्या की उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। यह सफलता जिले के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इसके अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, जिला खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिव्या को शुभकामनाएं दीं एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष श्री नुरेन चंद्राकर, चेयरमैन श्री गौरव चंद्राकर, सचिव श्री शुभम तिवारी एवं सदस्य श्री मनीष श्रीवास्तव तथा श्री संतोष कुमार सोनी ने भी दिव्या की इस ऐतिहासिक जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके कोच एवं परिवार को बधाई दी।

महासमुंद जिले के मिनी स्टेडियम में दिव्या ने नियमित अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया है। यहाँ जिले के शहरी व ग्रामीण अंचलों से अनेक बालक-बालिकाएँ प्रतिदिन बास्केटबॉल का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। हाल के वर्षों में जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर जिले की पहचान खेल जगत में स्थापित की है।

दिव्या रंगारी की यह उपलब्धि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य को एक नई दिशा देगी और खेल संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाएगी।