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और बेहतर प्रदर्शन किया होता… गोल्डन स्पाइक टूर्नामेंट जीतने के बाद भी खुश नहीं है नीरज चोपड़ा

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भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक टूर्नामेंट जीतने के बाद भी खुश नहीं हैं। नीरज ने 85.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 9 खिलाड़ियों के बीच खीता अपने नाम किया है। ये वही टूर्नामेंट है जिसे नीरज के कोच और वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जेन जेलेज्नी ने अपने करियर में 9 बार जीता है। उन्होंने 1986 से 2006 के बीच खिताब हासिल किए।

नीरज ने जीत के बाद कहा कि, मैं अपने प्रदर्शन से खुश नहीं हूं लेकिन इस बात की खुशी है कि खिताब जीता। मैं बचपन से ये टूर्नामेंट देखा करता था। मैंने जेलेज्नी और उसेन बोल्ट जैसे दिग्गजों को गोल्डन स्पाइक जीतते देखा और मुझे लगता था कि मैं भी एक दिन जीतूंगा। वह सपना सच हो गया है। मुझे पता है कि चेक गणराज्य में भालाफेंक काफी लोकप्रिया है। दर्शकों से हमें अपार समर्थन मिला । काश मैं और बेहतर प्रदर्शन कर पाता।

नीरज ने इस टूर्नामेंट में फाउल के साथ शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 83.45 मीटर का थ्रो किया। दूसरे दौर के बाद नीरज तीसरे स्थान पर थे। तीसरे दौर में 85.29 मीटर के थ्रो के साथ वह शीर्ष पर आए। उनके अगले दो थ्रो 82.17 मीटर और 81.01 मीटर के रहे, जबकि आखिरी थ्रो फाउल रहा। पिछले दो सत्र में वह यहां फिटनेस कारणों से खेल नहीं सके थे।

27 वर्ष के चोपड़ा ने इस सत्र में मई में दोहा डायमंड लीग में 90 मीटर की बाधा पार करके दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद पेरिस डायमंड लीग खिताब जीता। नीरज यहां 2018 में आईएएएफ कांटिनेंटल कप में एशिया प्रशांत  टीम का हिस्सा थे और 80.24 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे थे। अब वह बंगलुरू में पांच जुलाई को नीरज चोपड़ा क्वासिक टूर्नामेंट में भाग लेंगे जिसमें पीटर्स और रोहलेर भी खेल रहे हैं।