Home छत्तीसगढ़ 5 लाख लंबित आवेदनों का 161 करोड़ के भुगतान का निर्णय

5 लाख लंबित आवेदनों का 161 करोड़ के भुगतान का निर्णय

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छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की आज बुधवार को हुई बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2019 से लंबित 5 लाख से ज्यादा आवेदनों के हितग्राहियों को 161 करोड़ से ज्यादा की राशि देने का निर्णय लिया गया है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल डॉ राम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न एजेंडे पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के 5 लाख से अधिक हितग्राहियों के आवेदन विभाग को मिले थे। पूर्व के आवेदनों के हितग्राहियों का 161 करोड़ से अधिक की राशि वितरित नहीं की थी। बुधवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी आवेदनों का जल्द से जल्द परीक्षण कराकर जल्द राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

अब न्यूनतम 322 वर्ग फीट जमीन वाले हितग्राहियों को भी मिलेगा श्रमिक आवास सहायता योजना का लाभ 

संचालक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की गई। वर्तमान में पात्रता रखने वाले मंडल में पंजीकृत निर्माण के स्वयं के भूखंड पर आवास निर्माण/नवीन आवास क्रय हेतु शहरी क्षेत्र में 500 वर्ग फीट एवं ग्रामीण क्षेत्र में 1000 वर्ग फीट क्षेत्रफल अधिकतम भूखंड होने का प्रावधान था, इसे संशोधित करते हुए बोर्ड की बैठक में शहरी क्षेत्र में न्यूनतम 322 वर्ग फीट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 269 वर्ग फीट क्षेत्रफल भूखंड होने का संशोधन किया गया।

मोबाइल नंबर की अनिवार्यता में दी गई छूट 

मंडल अंतर्गत संचालित पंजीयन योजना आवेदन हेतु मोबाइल नंबर की अनिवार्यता रखी गई है। प्रदेश के कई क्षेत्र के ऐसे हितग्राही जिनके पास मोबइल नहीं है। उन्हें पंजीयन में परेशानी का सामना करना पड़ता था, अब उन्हें मोबाइल नंबर की अनिवार्यता की छुट दी गई है।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना का लाभ अब परिवार के सदस्यों को भी

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को मिलने वाली योजना का लाभ अब श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी एक समान मिलेगा। बोर्ड की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिए गए।