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चौथी बार UK यात्रा पर रवाना हुए प्रधानमंत्री, किंग चार्ल्स से करेंगे मुलाकात

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प्रनधामंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को यूनाइटेड किंगडम और मालदीव की दो देशों की यात्रा पर रवाना हुए। प्रधानमंत्री 23 से 24 जुलाई तक यूनाइटेड किंगडम की यात्रा पर रहेंगे। इसके बाद, वे 25 से 26 जुलाई तक मालदीव की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने पर केंद्रित है, जिसकी झलक तीन साल की बातचीत के बाद भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर से मिलती है। यह FTA ब्रिटेन को होने वाले 99% भारतीय निर्यात पर टैरिफ़ हटा देगा और 90% ब्रिटिश उत्पादों पर टैरिफ़ कम करेगा, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब डॉलर से दोगुना करना है। इससे भारत को व्हिस्की और कारों का ब्रिटिश निर्यात भी आसान हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ व्यापार, रक्षा, जलवायु, नवाचार और शिक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा करेंगे और राजा चार्ल्स तृतीय से भी मिलेंगे। दोनों देश रक्षा और सुरक्षा सहयोग, जिसमें सैन्य आदान-प्रदान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा सेमीकंडक्टर पर सहयोग शामिल है, पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी 25-26 जुलाई को मालदीव की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ व्यापक वार्ता करेंगे और द्वीपीय राष्ट्र में भारत द्वारा सहायता प्राप्त कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 26 जुलाई को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।

मिसरी ने कहा, प्रधानमंत्री की यह राजकीय यात्रा किसी शासनाध्यक्ष की पहली राजकीय यात्रा भी है, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति मुइज्जू नवंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मालदीव भारत की पड़ोसी प्रथम नीति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदार है, तथा भारत के ‘महासागर विजन’ (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) का हिस्सा है। मिसरी ने पिछले साल अंतिम रूप दिए गए व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, यह संयुक्त दृष्टिकोण, एक तरह से, हमारे संबंधों का मार्गदर्शक ढांचा बन गया है।