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शहरी स्वच्छता में छत्तीसगढ़ की लंबी छलांग, स्वच्छता सर्वे में शामिल 169 में से 115 शहरों ने सुधारी अपनी रैंकिंग

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*सर्वे में शामिल देशभर के 4,566 शहरों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-100 में छत्तीसगढ़ के 25 शहर*

*गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में राज्य के 62 शहरों ने बढ़ाया अपना दर्जा, रायपुर को सेवन स्टार सम्मान*

*सिंगल, थ्री और फाइव स्टार दर्जा प्राप्त शहरों की संख्या 114 पहुँची, पिछले सर्वे में थी 71*

*तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से वाटर प्लस श्रेणी में पहुंचे, 163 निकायों को मिला ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा*

रायपुर, 29 जुलाई 2025/भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के नगरीय निकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है कि इस बार सर्वेक्षण में शामिल 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छता के इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के 4,566 शहरों के बीच छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में शामिल हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी छलांग है, जब केवल 16 शहर टॉप-100 में आ पाए थे।

राज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में अपना दर्जा बढ़ाया है, जबकि सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 71 से बढ़कर अब 114 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने इस बार फाइव स्टार से बढ़कर सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त की है। रायपुर को गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है, साथ ही स्वच्छता में उसे वाटर प्लस शहर का दर्जा भी मिला है।

इस बार बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर—ये तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं। राज्य के 163 नगरीय निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिनमें किरंदुल और भाटापारा नगर पालिका तथा कुंरा नगर पंचायत जैसे निकाय भी शामिल हैं, जो पहले केवल ओडीएफ श्रेणी में थे। सीतापुर नगर पंचायत ने भी ओडीएफ प्लस से आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा हासिल किया है।

पिछले डेढ़ वर्षों में 62 नगरीय निकायों ने अपने सतत प्रयासों के माध्यम से गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार किया है। बिलासपुर और अंबिकापुर ने अपने थ्री स्टार स्तर को बढ़ाकर फाइव स्टार किया है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर नगर निगम, जामुल नगर पालिका और घरघोड़ा नगर पंचायत ने 2023-24 के सिंगल स्टार दर्जे से आगे बढ़ते हुए अब थ्री स्टार प्राप्त किया है। वहीं, धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर, जो पूर्ववर्ती सर्वे में स्टार रेटिंग में नहीं थे, उन्होंने सीधे थ्री स्टार श्रेणी में प्रवेश किया है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में विशेष प्रयासों के चलते राज्य के 52 नगरीय निकायों ने नो स्टार से उन्नत होकर अब सिंगल स्टार दर्जा प्राप्त कर लिया है।

इस बार कई नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर 649वें स्थान पर रहे सिमगा ने इस बार 95वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह जशपुर 637वें से 91वें, राजपुर 630वें से 63वें और घरघोड़ा 616वें से 71वें स्थान पर आ गया है। भिलाई-चरोदा ने अपनी रैंकिंग 587 से सुधारकर 68, दोरनापाल ने 557 से 81, दंतेवाड़ा ने 552 से 70, जगदलपुर ने 461 से 55, मुंगेली ने 447 से 86, कवर्धा ने 430 से 77, कुनकुरी ने 426 से 84, दुर्ग ने 314 से 80, राजनांदगांव ने 268 से 46, भिलाई नगर ने 267 से 22, छुरा ने 230 से 76, प्रतापपुर ने 173 से 62, बलरामपुर ने 65 से 53 और रायपुर ने 12वीं रैंक से बढ़कर चौथा स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के शहरों की इस उपलब्धि को स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी सरकार, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर नवाचारों के साथ शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरों की रैंकिंग में और भी सुधार होगा और इस बार की राष्ट्रीय सफलता सभी नगरीय निकायों को और अधिक प्रेरित करेगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास और स्वच्छता हेतु राज्य सरकार द्वारा 7,400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अमले के साथ प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। श्री साव ने कहा कि विभाग की इन दोनों पहलों की इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।