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इस दिवाली, खुशियों वाली – पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की अनूठी पहल, जरूरतमंदों के जीवन में रोशन की खुशियों की लौ

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“दीपावली की असली रोशनी केवल घरों को सजाने से नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने से होती है।”

इसी प्रेरणादायक सोच और सेवा भावना को आत्मसात करते हुए पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी “इस दिवाली, खुशियों वाली” अभियान के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों एवं बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की गईं।

संस्था द्वारा रायपुर के बस स्टैंड एवं मठपुरैना क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को दीपावली के अवसर पर नए कपड़े, मिठाइयां, नमकीन, दीपक, बाती, तेल, ड्रॉइंग बुक, कलर एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य केवल वस्तुओं का वितरण करना नहीं, बल्कि उन परिवारों को यह एहसास कराना था कि खुशियों के इस त्योहार में वे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके साथ भी पूरा समाज खड़ा है।

संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि “खुशियां बांटने के लिए धन से ज्यादा एक संवेदनशील हृदय और सेवा का भाव होना जरूरी है। हमारे द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास यदि किसी परिवार की दीपावली को खुशियों से भर सकता है, तो इससे बड़ी संतुष्टि और कोई नहीं।”

उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव की शुरुआत छोटी-छोटी सकारात्मक पहलों से होती है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता करने का संकल्प ले, तो कोई भी त्योहार किसी के लिए अधूरा नहीं रहेगा।

सेवा और सहयोग की भावना से जुड़े संस्था के सदस्य

इस पुनीत अभियान में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की फाउंडर डॉ. कविता कुम्भज जी, मूलचंद कश्यप जी, राहुल कुम्भज जी, ज्योति कुम्भज जी एवं समाजसेवी पीयूष जैन सहित संस्था के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के स्टाफ सदस्य ज्योति मैम, रानी मैम, काजल मैम, कृष्णा सर, प्रतीक सर, राधिका मैम, आशीष सर, पायल मैम, नमन सर एवं हेमलता यादव का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और सेवा, संवेदना एवं सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

एक दीप उम्मीद का, एक प्रयास मुस्कान का!

पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि एक बेहतर और संवेदनशील समाज का निर्माण करना भी है। इसी विचार के साथ संस्था शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर अपनी सहभागिता निभा रही है।

संस्था ने सभी सहयोगियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

“आइए, इस दीपावली केवल अपने घरों में दीप न जलाएं, बल्कि किसी के जीवन में उम्मीद, अपनापन और खुशियों का उजाला भी फैलाएं। क्योंकि असली त्योहार वही है, जिसकी खुशी हम दूसरों के साथ बांट सकें।”