Home छत्तीसगढ़ प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री श्री...

प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

105
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।