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कला, संस्कृति और स्वच्छता से दमकता उभरता शहर

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धमतरी, 01 दिसंबर 2025

धमतरी शहर इन दिनों नई पहचान गढ़ रहा है—कलात्मकता, स्वच्छता और सांस्कृतिक जीवंतता से भरी एक आकर्षक नगरी। जिला प्रशासन और नगर पालिका निगम द्वारा पिछले महीने प्रारंभ किया गया अभिनव कार्यक्रम ‘चमकारी – अपनी कला का करे प्रदर्शन और अपने शहर को सुंदर बनाए’ अब शहर की सूरत बदलने लगा है। इस अभियान ने धमतरी के युवाओं, कलाकारों और विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा भर दी है, जिसके परिणाम आज शहर की हर गली–मुख्य मार्गों पर दिखाई दे रहे हैं।

 कला, संस्कृति और स्वच्छता से दमकता उभरता शहर
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था; बल्कि नागरिकों में स्वच्छ वातावरण, सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना था। प्रतिभागियों ने दीवार चित्रकला, पोस्टर, स्केच, पेंटिंग और सामाजिक संदेशों से भरी कलात्मक अभिव्यक्तियाँ प्रस्तुत कर शहर को रंगों से सराबोर कर दिया। इस पहल ने न केवल कलाकारों को मंच दिया बल्कि शहर को भी नई पहचान दिलाई।

 कला, संस्कृति और स्वच्छता से दमकता उभरता शहर
आज धमतरी के सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, पार्कों और मुख्य चौक–चौराहों की बाहरी दीवारें छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोककला, देवी–देवताओं, पशु-पक्षियों,जनजातीय विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाती चित्रकारी से सजी हुई हैं। इन कलाकृतियों ने न सिर्फ शहर की खूबसूरती बढ़ाई है, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। जहाँ पहले कूड़ा-कचरा फेंक दिया जाता था, अब लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रहे हैं। दीवारें अब कला की अभिव्यक्ति बन चुकी हैं—और शहर स्वच्छता का उदाहरण।

 कला, संस्कृति और स्वच्छता से दमकता उभरता शहर
इस पूरे अभियान की सफलता में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने युवाओं को लगातार प्रोत्साहित करते हुए कला के माध्यम से शहर को संवारने की अपील की है। उत्कृष्ट पेंटिंग बनाने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है, जिससे और अधिक युवा इस पहल से जुड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह कार्यक्रम केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं, बल्कि धमतरी की आत्मा को नए रंगों से सजाने का प्रयास बन गया है।

 कला, संस्कृति और स्वच्छता से दमकता उभरता शहर
सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन धमतरी की प्राकृतिक धरोहरों—गंगरेल डेम, झरनों, घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों—को ईको-पर्यटन और साहसिक गतिविधियों (एडवेंचर टूरिज्म) के केंद्र के रूप में विकसित  किया गया और इस दिशा में भी और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इससे न केवल धमतरी पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा , बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे ।

 कला, संस्कृति और स्वच्छता से दमकता उभरता शहर
धमतरी आज एक ऐसा शहर बन रहा है जहाँ कला, स्वच्छता और प्रकृति—तीनों का अद्भुत समन्वय देखने मिलता है। यहाँ की दीवारें बोलती हैं, रास्ते मुस्कुराते हैं और लोग गर्व से कहते हैं—
“यह हमारा धमतरी है—सुंदर, स्वच्छ और सांस्कृतिक शहर।”
जो भी यहाँ आता है, शहर के रंग और रचनात्मकता उसे अपनी ओर खींच लेते हैं। धमतरी अब सिर्फ देखने की जगह नहीं, महसूस करने की जगह बन चुका है।