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दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान अराजकता

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कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान अराजकता फैल गई। इस घटना के बाद, बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने आयोजकों पर जोरदार हमला बोला है।

टीएमसी के प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आयोजकों और उनके करीबी लोगों की अत्यधिक उत्सुकता और मेसी के साथ सेल्फी लेने की होड़ को अराजकता का कारण बताया। घोष ने कहा कि इसी वजह से दर्शक फुटबॉलर को ठीक से नहीं देख पाए और नाराज हो गए।घोष ने आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल किया कि “कोई उचित योजना क्यों नहीं थी?” उन्होंने कहा कि अव्यवस्था के कारण ही मेसी को जल्दबाजी में स्टेडियम छोड़ना पड़ा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी राज्य की जनता की ओर से उनका स्वागत करने के लिए स्टेडियम में उपस्थित नहीं हो सकीं।

घोष ने इस घटना को खेल प्रेमियों के लिए निराशाजनक बताया और 2011 में मेसी के पिछले सुचारू रूप से आयोजित कार्यक्रम को याद किया। घोष ने कहा- मुझे याद है कि एक मैच हुआ था और मेसी ने प्रेस गैलरी में मेरी सीट के पास 50 मीटर की दूरी से कॉर्नर किक लगाई थी। सब कुछ बहुत सुचारू रूप से हुआ था और तब कोलकाता का मान बढ़ा था।

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसों की लालसा में कुछ ठगों ने यह स्थिति उत्पन्न की। भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी नेताओं ने लालची आयोजकों को बढ़ावा दिया, जो स्वयं प्रचार में व्यस्त थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों रुपये में टिकट खरीदने वाले लोगों को मेसी को सही तरीके से देखने से वंचित किया गया, जिससे राज्य की छवि धूमिल हुई। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने भी इस अराजकता के लिए टीएमसी और राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना की।