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134 पुनर्वासित युवाओं को जैविक खेती एवं पर्यटन स्थलों का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण

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उन्नत कृषि के प्रशिक्षण की पुनर्वासित युवाओं ने जताई इच्छा

रायपुर, 03 जनवरी 2026

पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटाने एवं आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दंतेवाड़ा में जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी द्वारा 134 पुनर्वासित युवाओं के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक, कृषि एवं पर्यटन भ्रमण का आयोजन कराया गया।

गौरतलब है कि हाल ही में हितग्राहियों ने जिला प्रशासन के समक्ष कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों के व्यावहारिक भ्रमण की इच्छा व्यक्त की थी। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा यह भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उस भ्रमण के माध्यम से युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा एवं वे आजीविका के नए अवसरों को भी जान सकें।

उन्नत जैविक खेती की तकनीकों को जाना 

लाइवलीहुड कॉलेज प्रशिक्षकों की उपस्थिति में कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारियों तथा भूमगादी जैविक क्लस्टर के समन्वयकों द्वारा पुनर्वासित युवाओं को जैविक खेती की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने रासायनिक उर्वरकों के बिना कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की विधियों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जैविक उत्पादों के बाजारीकरण से जुड़ी जानकारियों को बारीकी से समझा।

पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर जाने आजीविका के नवीन अवसर

कृषि के साथ-साथ हितग्राहियों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं, होम-स्टे, गाइड सेवाओं, हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार सृजन के अवसरों से अवगत कराया गया।
विशेष आवासीय प्रशिक्षण की मांग

भ्रमण से उत्साहित पुनर्वासित युवाओं ने लाइवलीहुड कॉलेज प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से यह आग्रह रखा कि उनके लिए दो से तीन दिवसीय विशेष आवासीय कृषि प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। उनका कहना था कि इस तरह के गहन प्रशिक्षण से वे ‘घर वापसी’ के बाद अपने गांवों में उन्नत जैविक खेती को अपनाकर स्थायी आजीविका विकसित कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। जिला प्रशासन ने हितग्राहियों की इस सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए भविष्य में उनके कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया है।