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870 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों हेतु संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्वास्थ्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के तत्वावधान में माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में 870 प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए एक अभिनव संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव द्वारा किया गया। इस पहल में पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रशिक्षणरत 537 उपनिरीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना के 54 सूबेदार, 211 प्लाटून कमांडर तथा 68 उपनिरीक्षक (एसबी) शामिल हैं।

 उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षुओं के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ 03 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के करकमलों से हुआ था। वर्तमान में इनकी अंतिम परीक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी अधिकारियों को एक वर्ष के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया जाएगा।

इस विशेष संवादात्मक कार्यक्रम की रूपरेखा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है।कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को शासन की नीतियों, प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनसेवा के मूल्यों से सीधे परिचित कराना है। 

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भारत में पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, वर्तमान चुनौतियों तथा आधुनिक पुलिसिंग की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि आपदा, दुर्घटना, महामारी एवं आपात स्थितियों में दोनों विभागों का संयुक्त प्रयास नागरिकों के जीवन की रक्षा सुनिश्चित करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा को उन्होंने राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने का आह्वान करते हुए कहा कि एक सशक्त और स्वस्थ पुलिस बल ही समाज को प्रभावी सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने भी प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी के लिए सतत अध्ययन, विधिक समझ, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता अत्यंत आवश्यक है। ज्ञान और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन ही एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की पहचान है।

कार्यक्रम में निदेशक श्री अजय यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि यह संवादात्मक पहल प्रशिक्षण को अधिक व्यवहारिक, प्रेरणादायक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस श्रृंखला के माध्यम से प्रशिक्षुओं को शासन की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक समन्वय तथा जन-अपेक्षाओं की गहन समझ प्राप्त होगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला, पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज, उप पुलिस अधीक्षक  इरफान काजी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव, संवेदनशीलता और सुशासन के मूल्यों को सुदृढ़ करना है, जिससे वे भविष्य में प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं जनविश्वासयुक्त बना सकें।