Home छत्तीसगढ़ साय सरकार के तीसरी बजट में भी अनियमित कर्मचारियों को मिली निराशा –...

साय सरकार के तीसरी बजट में भी अनियमित कर्मचारियों को मिली निराशा – गोपाल प्रसाद साहू

381
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

साय सरकार की तीसरी बजट में छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों जैसे-आउटसोर्सिंग (प्लेसमेंट), सेवा प्रदाता, ठेका, समूह/समिति के माध्यम से नियोजन, जॉबदर, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, मानदेय, अशंकालिक के लिए किसी प्रकार किसी प्रकार की घोषणा नहीं होने से निराश एवं आहात है| जबकि ये कर्मचारी प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा रहा है|

भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में थे तो उनके अनेक वरिष्ठ नेता/जनप्रतिनिधियों ने हमारे मंच में आकर हमारी समस्याओं को सुना एवं अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर इनका यथाशीघ्र निराकरण करने की बात कही थी तथा छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023 पत्र के “वचनबद्ध सुशासन” अंतर्गत बिंदु क्र. 2 में एक कमिटी गठित कर कमेटी में अनियमित कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए समीक्षात्मक प्रक्रिया प्रारंभ करने का उल्लेख किया है| लेकिन कमेटी गठन आदेश में अनियमित कर्मचारियों का कोई उल्लेख नहीं है|

सरकार इन 2 वर्षों में अनियमित कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया| वादा के विपरीत अनियमित कर्मचारियों की छटनी की जा रही है, अनेक विभागों में वेतन लंबित है, संविदा वेतन अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है, न्यूनतम वेतन में विगत 8 वर्षों से वृद्धि नहीं की गई है, अनेक विभाग में श्रम सम्मान राशी नहीं दी जा रही है|

अनियमित संघो के पदाधिकारियों ने अपने मांगो/समस्याओं को लेकर निरंतर आवेदन निवेदन करते आ रहे है, साय सरकार से काफी उम्मीद था परन्तु सरकार अनदेखी से अनियमित कर्मचारी आहत एवं आक्रोशित है|

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन अपने सहयोग संघों एवं अनियमित कर्मचारियों से लम्बी संघर्ष के लिए तैयार रहने अपील करता है|