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दैनिक मासिक श्रमिकों हेतु अधार आधारित बायो मेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली 1 अप्रैल 2026 से लागू हो : खेमचंद साहू

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●छत्तीसगढ़ के 54 शासकीय विभाग में बिना नियुक्ति पत्र, आवश्यकता अनुसार आकस्मिक श्रमिक के रूप में अस्थाई दैनिक मासिक पूर्णकालिक राज्य शासन के श्रमायुक्त दर का वेतन सबंधित विभाग से सीधे प्राप्त करने वाले तृतीय चतुर्थ श्रेणी के समकक्ष कार्यो में वर्षों से औद्योगिक अधिनियम अंतर्गत नियोजित लगभग 36 हजार दैनिक मासिक श्रमिक कार्यरत है।

विदित हो कि नए श्रम कानून अंतर्गत साप्ताहिक निश्चित समय अवधि 48 घण्टे कार्यावधि तय की गई है इसलिए दैनिक मासिक श्रमिको के लिए सबंधित कार्यालयों और कार्यस्थल में आधार आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस पंजीयन अनिवार्य आगामी 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की मांग दैनिक श्रमिक मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष खेमचंद साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ज्ञापन पत्र के माध्यम से रखी है। जो श्रमिक मैदानी क्षेत्र ( फील्ड में) में कार्यरत है जैसे वाहन चालक, हैण्डपम्प मैकेनिक ईत्यादि उनके लिए अनिवार्य गूगल अटेंडेंस अथवा अन्य ऐप से हाजरी की व्यवस्था का सुझाव दिया है।

साहू ने बताया कि यह मांग उनके द्वारा इसलिए रखी गई है ताकि 54 शासकीय विभागो में केवल नाम के आधार पर कही अवैध वेतन आहरण की गड़बड़ी हो रही होगी तो अटेंडेंस व्यवस्था से इसमे रोक लग जाएगी साथ ही प्रतिदिन 8 घण्टे के स्थान पर 12- 12 घण्टे सेवा किसी अनियमित श्रमिक से लिया जाना संभव नही होगा, श्रमिकों का शोषण बन्द होगा। यदि अधिक अवधि तक कार्य लिया भी जाता है तो उन्हें अधिक वेतन ओवर टाइम के रूप में मिलेगा व अतिरिक्त अवकाश का लाभ भी मिल पाना संभव होगा।

नए श्रम कानून में 15 मिनट और 30 मिनट अधिक कार्य को भी ओवर टाइम की श्रेणी में रखा गया है, नए श्रम कानून में लंच अवधि को काम के घण्टे में शामिल रखा गया है इसका लाभ श्रमिको को मिल पाएगा।

 

श्रमिकों के वेतन भुगतान हेतु जारी किए जाने वाले वाउचर पेमेंट, मस्टर रोल पेमेंट, हैंड रिसिप्ट पेमेंट, A रोल पेमेंट के माध्यम से होने वाले फर्जी श्रमिक वेतन भुगतान के राजस्व क्षति की 100% संभावना समाप्त होगी जो कि केवल आधार नम्बर आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस अन्य ऐप से ही संभव है।

 

 

 

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