Home छत्तीसगढ़ यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन दोनों को सुरक्षित रखने की...

यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन दोनों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है – अमरजीत

30
0
SAVE_20260918_191029
SAVE_20260918_191016
SAVE_20260918_191024
SAVE_20260925_190202
SAVE_20260925_190208

छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 का राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने स्वागत करते हुए कहा कि

यह विधेयक राज्य में जबरन, प्रलोभन, धोखाधड़ी अथवा दबाव के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है, इस विधेयक से समाज में पारदर्शिता आएगी और कानूनी रूप से यह विधेयक न्याय संगत होगा, राज्य अल्पसंख्यक आयोग का मानना है कि— भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था एवं धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है, साथ ही, किसी भी प्रकार का बलपूर्वक या अनुचित प्रभाव से किया गया धर्मांतरण न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि सामाजिक समरसता के लिए भी हानिकारक है। इस दृष्टि से यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन दोनों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोग का मानना है कि इस कानून के उपयोग से निष्पक्षता, पारदर्शीता एवं संवेदनशील तरीके से सकारात्मक माहौल बनेगा साथ ही सभी समुदायों के अधिकारों का सम्मान भी इसमें सुरक्षित होगा, इससे समाज में आपसी विश्वास, सद्भाव एवं भाईचारा और अधिक मजबूत होगा

राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि इससे अल्पसंख्यक समुदाय को अपने सामाजिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखने हेतु संरक्षण मिलेगा।

(अमरजीत सिंह छाबड़ा)

अध्यक्ष

छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग