Home Uncategorized किसानों के नाम पर राजनीति , व्यापारियों, दुकानदारों पर दबाव और शराब...

किसानों के नाम पर राजनीति , व्यापारियों, दुकानदारों पर दबाव और शराब दुकान से प्यार यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र प्रकट करता है -चंदन साहू

215
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

कोंडागाँव/माकड़ी–भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री चंदन साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि भाजपा ने प्रदेश में बंद को कांग्रेस के इशारे पर प्रशासनिक बंद बताया हैं। उन्होंने बंद को कांग्रेस का किसानों के बीच भ्रम फैलाने एवं कांग्रेस के 70 वर्ष से किसान विरोधी चेहरे को छुपाने का हथकंडा मात्र बताया हैं। भाजपा ने कहा कि डरा कर धमका कर प्रशासनिक दुरुपयोग कर छत्तीसगढ़ में बंद कराने निकले कांग्रेस के नेताओं को बताना चाहिए कि उनके शासन में छत्तीसगढ़ का किसान क्यों आत्महत्या कर रहा हैं? क्यों किसान हितैषी होने का ढोंग करने वाली कांग्रेस के राज में आत्महत्या करने वाले किसानों को मानसिक रोगी बताया जा रहा हैं? शर्म आनी चाहिए कांग्रेस के नेताओं को किसानो के नाम पर राजनीतिक रोटी सेकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हीने कांग्रेस से पूछा हैं कि क्यों छत्तीसगढ़ का किसान परेशान हैं? बंद कराने निकले कांग्रेसी पहले गिरदावरी रिपोर्ट में किसानों का रकबा कम करने का षड्यंत्र बंद करें और राजीव गांधी न्याय योजना जिसे प्रदेश का किसान अन्याय योजना कहने लगा हैं के माध्यम से किसानों को छलना बंद करें।

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने कहा कि किसानों को किस्तों में भुगतान करने वाली कांग्रेस को केंद्रीय कृषि कानून जिसमे मोदी जी ने 72 घंटे में भुगतान का प्रावधान किया हैं ऐसे किसान हितैषी केंद्रीय निर्णय से डर लग रहा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों के बीच कांग्रेस का बंद विफल हो चुका हैं और कांग्रेसी दबाव पूर्वक व्यापार बंद करवा कर अपनी विफलता छुपाना चाहते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि धान खरीदी एक माह विलंब से करने वाली, टोकन के नाम पर किसानों को परेशान करने वाली, धान खरीदी में विलंब कर व्यापारियों, बिचौलियों और दलालों को लाभान्वित करने वाली किसान विरोधी कांग्रेस का असली चेहरा उजागर हो गया हैं। भाजपा किसान मोर्चा ने कहा कि शराब बंदी का वादा कर प्रदेश में हर माध्यम से शराब परोसने वाली कांग्रेस और कांग्रेस के नेता आज किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटी सेकने व्यापारियों छोटी छोटी गुमटियों और रोज कमाने खाने वालों का व्यवसाय दबावपूर्वक बंद कराने निकले पर शराब दुकान बंद कराने का साहस नहीं जुटा पाए। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा किसानों पर राजनीति व्यापारियों दुकानदारों पर दबाव और शराब दुकानों से प्यार कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर करता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को बंद को सफल करने के साथ साथ अपने राजस्व की भी चिंता हैं इसीलिए प्रशासनिक दबाव में प्रदेश का व्यापार दबावपूर्वक बंद करवाया जा रहा हैं और शराब बंदी का वादा करने वाली कांग्रेस के राज में धड़ल्ले से शराब परोसने का काम जारी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसान विरोधी कांग्रेस आज किसानों के नाम पर राजनीति कर रही हैं, बीते दिनों सीएए और एन आर सी पर राजनीतिक रोटी सेकने में विफल कांग्रेस के नेता जिन वादों के साथ अपना घोषणा पत्र लेकर 2019 में निकले थे मुहकी खाने के बाद उन्ही वादों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं यही कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं का असली चेहरा हैं। कांग्रेस के पास सिर्फ एक ही कार्य बचा हैं मोदी जी का विरोध करना, केंद्र सरकार का विरोध करना और दिशाहीन राजनीति करना। उन्होंने कहा कि सोनिया राहुल प्रियंका राज में कांग्रेस भटक गयी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से शराब बंदी का अपना वादा पूरा करने का आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता छत्तीसगढ़ में बहक गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार गिरदावरी रिपोर्ट में रकबा कम करने का षड्यंत्र बंद करे, किसान आत्महत्या को गंभीरता से लेने और उन्हें मानसिक रोगी बताने से बाज आने प्रदेश सरकार को दी हैं।
धान का रकबा सुधारने के लिए किसान पहुच रहे तहसील कार्यालय

-गिरदावरी रिपोर्ट में गड़बड़ी के चलते किसान ने आत्महत्या कर ली इस बात को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिन पंजीकृत किसानों का धान का रकबा घट गया है और गिरदावरी में त्रुटि हुई है तो उसे तत्काल सुधार करने की बात कही गिरदावरी में हुई गड़बड़ी को सुधारने के लिए सोमवार को विकासखण्ड माकड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसान भारी सँख्या में तहसील कार्यालय पहुँचे जहा आवेदन के माध्यम से अपना धान का रखना सुधारने के लिए अपना आवेदन तहसील कार्यालय में जमा किया है