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कुँवरगढ़ महोत्सव के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, लोक संस्कृति और कला का भव्य संगम

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रायपुर, 02 अप्रैल 2026/ कुँवरगढ़ नगर के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। विधायक श्री अनुज शर्मा की विशेष पहल और प्रयासों से आयोजित ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ के दूसरे दिन जनउत्साह चरम पर रहा। क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा एवं कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब सम्मिलित हुए।

कुंवरगढ़ महोत्सव इस वर्ष अपनी भव्यता और लोक कला के अनूठे संगम के लिए यादगार बन गया। महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में छत्तीसगढ़ के नामचीन कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। उनके सुरीले गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुति ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को झूमने पर मजबूर कर दिया। छत्तीसगढ़ के नामचीन कलाकारों नें अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनके गीतों पर दर्शक देर रात तक थिरकते रहे। इस अवसर पर नारायणपुर के अबूझमाड़ मलखंब एवं अंतर्राष्ट्रीय पोल आर्टिस्टो ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि कुँवरगढ़ की धरती का अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। कुँवरगढ़ का इतिहास केवल पत्थरों और किलों में नहीं, बल्कि यहाँ की माटी के कण-कण में रचे-बसे शौर्य और संस्कृति में है। यह महोत्सव हमारे पूर्वजों के गौरव को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। कुँवरगढ़ की धरती वीरों और संस्कृति की धरती है। विधायक श्री शर्मा ने इस महोत्सव के जरिए न केवल इतिहास को सहेजने का काम किया है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और विकास को भी नई दिशा दी है। एक सजग जनप्रतिनिधि ही अपनी संस्कृति के प्रति इतना संवेदनशील हो सकता है। उन्होंने शासन की ओर से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और पर्यटन विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

दर्शकों के आग्रह पर मंत्री नें “मोर गंवई ये गंगा रे” गीत सुनाया। वहीं मंत्री श्री साहेब नें विधायक श्री शर्मा के पहल को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि कुँवरगढ़ का इतिहास केवल पत्थरों और स्मारकों में नहीं, बल्कि यहाँ के जन-मानस की रगों में दौड़ते गौरव और स्वाभिमान में है। एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य केवल सड़क और बिजली तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपनी विरासत को सहेजना भी होता है। विधायक ने इस महोत्सव के माध्यम से उस सोए हुए गौरव को पुनः जागृत करने का जो बीड़ा उठाया है, वह प्रशंसनीय है। अनुज जी ने जिस आत्मीयता से इस क्षेत्र की कला, लोक-संगीत और इतिहास को संजोने का प्रयास किया है, वह यह दर्शाता है कि एक जनप्रतिनिधि अपनी माटी के प्रति कितना समर्पित हो सकता है। कैबिनेट मंत्री ने अपने भाषण के अंत में विश्वास दिलाया कि सरकार कुँवरगढ़ के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और विधायक व जनता को इस सफल आयोजन की बधाई दी।

वहीं विधायक  शर्मा ने कहा कि कुँवरगढ़ की इस पावन धरा पर, इतिहास की गूँज और वर्तमान के उत्साह का जो संगम दिख रहा है, वह भावविभोर करने वाला है। सबसे पहले, मैं हमारे बीच उपस्थित मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री वर्मा और श्री साहेब का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आपने अपने व्यस्त समय में से कुछ क्षण निकालकर इस माटी के सम्मान में यहाँ उपस्थित हुए, इसके लिए पूरा कुँवरगढ़ क्षेत्र आपका स्वागत वंदन अभिनंदन करता है। यह महोत्सव सरकार का नहीं है, यह कुँवरगढ़ की जनता का उत्सव है। आपकी उपस्थिति और आपका उत्साह ही इस आयोजन की असली सफलता है। हम सब मिलकर अपने कुँवरगढ़ को एक आदर्श और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध नगर बनाएँ।

इस अवसर पर अभनपुर विधायक  इंद्रकुमार साहू, ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष  संदीप यदु सहित ज़िला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम नंद कुमार चौबे, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे,जनपंद सीईओ आशीष केशरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।