Home Uncategorized जलवायु परिवर्तन कार्य योजना हेतु गठित स्टियरिंग समिति की बैठक सम्पन्न

जलवायु परिवर्तन कार्य योजना हेतु गठित स्टियरिंग समिति की बैठक सम्पन्न

55
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं। राज्य में जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों के लिए सीएसआर मद की उपलब्ध राशि का उपयोग करना प्रस्तावित करें। छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना के लिए गठित स्टियरिंग समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना, राज्य में जलवायु परिवर्तन विषयक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन और राज्य में कार्बन क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। विभागीय सचिवों से जलवायु परिवर्तन पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की पृष्ठ भूमि, जलवायु परिवर्तन के कारक और छत्तीसगढ़ राज्य में भी जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। बैठक में पीसीसीएफ श्रीनिवास राव, एपीसीसीएफ सुनील मिश्रा शामिल हुए।

 

वृक्ष-आवरण में देश में प्रथम स्थान पर रहा छत्तीसगढ

 

छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जलवायु परिवर्तन से संबंधित विविध कार्य किये जा रहें हैं। इनमें मुख्यतः वृक्षारोपण कार्य किये जा रहें हैं। एक पेड़ माँ के नाम योजना के तहत् करीब 7 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। किसान वृ़क्ष मित्र योजना के तहत् 3 करोड़ 68 लाख वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आई.एस.एफ.आर. 2025 के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष-आवरण में सर्वाधिक वृद्धि 683 किलोमीटर किया गया है, जो देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य में जलवायु परिवर्तन के तहत ई-वाहनों के चालन के लिए जन-सामान्य को प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प वितरित किये जा रहे हैं।

 

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-2026 में लगभग 55 हजार 50 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई। राज्य में 300 से अधिक बांधों की हाईड्रोलॉजिकल प्लानिंग के साथ 24 वृहद एवं मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। राज्य में जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र निर्मित किए जाने के लिए अधिकारियों ने अपने विचार रखें।

 

बैठक में जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के क्रियान्वयन के संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, वाणिज्य एवं उद्योग, खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों अपने-अपने विभाग की जानकारी प्रस्तुत की।