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माता कौशल्या धाम के कॉटेज के संचालन के लिए तीन बार निविदा,न्यूनतम प्रस्ताव नहीं मिलने से हुई निरस्त

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माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज के लंबे समय से बंद होने के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। पर्यटन मंडल के अनुसार, कॉटेज के संचालन के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके संचालन और मेंटनेंस के लिए तीन बार निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई, लेकिन प्रत्येक बार न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त नहीं होने के कारण निविदा प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी।
माता कौशल्या धाम को प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉटेज तैयार किए गए हैं। इनके संचालन एवं प्रबंधन के लिए पर्यटन मंडल द्वारा समय-समय पर निविदा प्रक्रिया अपनाई गई।
पहली बार निविदा प्रक्रिया के बाद आवश्यक न्यूनतम प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद पुनः निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन दूसरी बार भी निर्धारित न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो सके। तीसरी बार भी यही स्थिति बनी। परिणामस्वरूप नियमानुसार तीनों निविदा प्रक्रियाओं को निरस्त करना पड़ा। पर्यटन मंडल द्वारा कॉटेज को पर्यटकों के उपयोग में लाने के लिए लगातार प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
’अब लीज पर संचालन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा’
पर्यटन मंडल के अनुसार, वर्तमान में उक्त कॉटेज के लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है, जिससे माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने एवं खान – पान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। माता कौशल्या धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा कॉटेज को शीघ्र पर्यटकों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
’पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार जोर’
माता कौशल्या धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है। यहां देश-प्रदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है। ऐसे में पर्यटकों के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना पर्यटन मंडल की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसी क्रम में तैयार किए गए कॉटेज का संचालन शुरू करने के लिए अब लीज मॉडल के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। इससे पूर्व अपनाई गई तीन निविदा प्रक्रियाओं में न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू होने से माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।